देश की शीर्ष स्तरीय फुटबॉल लीग इंडियन सुपर लीग (ISL) पर अनिश्चितता के चलते आठ आईएसएल क्लबों ने अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) से संपर्क किया है, जिनके आह्वान पर, महासंघ ने दिल्ली में 7 अगस्त को एक बैठक आयोजित करने का फैसला किया है. जिसमें आगामी सीजन के लिए आगे की रणनीति तय की जाएगी. चेन्नईयन FC इस बैठक में आमंत्रित आठ क्लबों के शुरुआती समूह का हिस्सा नहीं था. हालांकि, बाद में AIFF ने चेन्नईयिन, मुंबई सिटी FC, मोहन बागान सुपरजायंट, ईस्ट बंगाल FC और मोहम्मडन SC को भी इसमें शामिल करने का निमंत्रण दिया.
इस बैठक से ठीक पहले, भारतीय फुटबॉल के लिए एक और बुरी खबर ये आई कि दो बार की आईएसएल चैंपियन चेन्नईयिन एफसी ने अपने क्लब गतिविधियों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है. क्लब ने सोशल मीडिया पर एक बयान में इस फैसले की घोषणा की.
उन्होंने अपने बयान में लिखा, ‘हम भारतीय फुटबॉल का हिस्सा होने के साथ आने वाली चुनौतियों से अवगत हैं. जिसके परिणामस्वरूप, चेन्नईयिन एफसी आईएसएल के भविष्य को लेकर अनिश्चितता को दूर करने के लिए कड़े कदम उठा रहा है. क्लब की सभी गतिविधियों को अस्थायी रूप से निलंबित किया जा रहा है. हालांकि, हमें उम्मीद है कि यह निलंबन अल्पकालिक होगा और जैसे ही स्थिति स्पष्ट होगी, हम काम पर लौट जाएंगे’ क्लब ने आगे कहा कि इस कठिन समय में खिलाड़ी, कोच, कर्मचारी और उनके परिवार उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता होंगे. बयान में आगे कहा गया है कि फ्रैंचाइजी उनके साथ नियमित संपर्क में रहेगी.
बता दें कि चेन्नईयिन एफसी के तीन मालिक हैं, जिसमें बॉलीवुड के महान अभिनेता अमिताभ बच्चन के बेटे अभिषेक बच्चन और भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान एमएस धोनी के अलावा एक स्पोर्ट्स इंटरप्रेन्योर वीटा दानी शामिल हैं.
दरअसल अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) और फुटबॉल स्पोर्ट्स डेवलपमेंट लिमिटेड (FSDL) के बीच पुराना अनुबंध जो 10 साल का था, दिसंबर में खत्म हो रहा है. इस अनुबंध के नवीनीकरण न होने के कारण आईएसएल का भविष्य अधर में लटक गया है.
ऐसे में, ओडिशा एफसी कुछ दिन पहले कठोर कदम उठाने वाला पहला आईएसएल क्लब बन गया. उन्होंने 5 अगस्त से सभी फुटबॉलरों और सहयोगी कर्मचारियों के अनुबंध समाप्त कर दिए हैं. हालांकि, फ्रेंचाइजी के मालिक रोहन शर्मा ने बाद में एक्स हैंडल को सूचित किया कि क्लब बंद नहीं हो रहा है. महत्वपूर्ण सहयोगी कर्मचारियों को भी बरकरार रखा गया है. उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि महिला टीम की गतिविधियां जारी रहेंगी.
उसके बाद आईएसएल चैंपियन बेंगलुरु एफसी ने भी ऐसा ही कठोर निर्णय लिया. क्लब ने एक बयान में घोषणा की कि टीम के वरिष्ठ फुटबॉलरों और सहयोगी कर्मचारियों का वेतन अनिश्चित काल के लिए रोक दिया जाएगा.
