उत्तराखंड में जनवरी और फरवरी में आयोजित हुए 38वें राष्ट्रीय खेलों का सकारात्मक असर अब देखने को मिल रहा है. राष्ट्रीय खेलों के लिए बनाए गए वर्ल्ड क्लास इन्फ्रास्ट्रक्चर का राज्य को तो फायदा मिल ही रहा है, देश के खिलाड़ी भी इसका फायदा उठा रहे हैं. यही कारण है कि इंटरनेशनल प्रतियोगिताओं के लिए देहरादून में देश भर के खिलाड़ियों का ट्रायल तक हो रहे हैं.
देश के शूटर्स की नजरें इन दिनों उत्तराखंड की राजधानी देहरादून पर टिकी हैं. वजह है शूटिंग की वो राष्ट्रीय प्रतियोगिता जो भारत के सबसे बड़े सलेक्शन ट्रायल्स के रूप में रिकॉर्ड की जा रही है. ये वही ट्रायल्स हैं, जहां से चुने हुए निशानेबाज एशियन, वर्ल्ड और ओलंपिक जैसे इंटरनेशनल गेम्स में भारत का परचम लहराएंगे. ये शूटिंग रेंज देहरादून के महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में है. देश की सबसे बड़ी निशानेबाज़ी ट्रायल में करीब 2600 शूटर जुटे हुए हैं.
त्रिशूल शूटिंग रेंज में यूथ, जूनियर और सीनियर तीनों कैटेगरीज का ट्रायल हो रहा है. इन ट्रायल्स के जरिए राइफल और पिस्टल दोनों कैटेगरी में करीब टॉप 100 शूटरों का चयन किया जाएगा. यही खिलाड़ी आने वाले एशियन गेम्स, वर्ल्ड चैंपियनशिप और ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे. ये ट्रायल 5 जून से शुरू हो चुका है और 30 जून चलेगा. देश भर से ढाई हजार से ज्यादा खिलाड़ी इंडिया टीम सलेक्शन ट्रायल तीन और चार के लिए प्रतिभाग कर रहे हैं.
त्रिशूल शूटिंग रेंज में आयोजित होने वाले कुछ बड़े कार्यक्रम:
- एक जुलाई से 10 जुलाई तक शूटिंग रेंज त्रिशूल में इंडिया ओपन शूटिंग चैंपियनशिप प्रतियोगिता आयोजित होगी. इसमें साढ़े तीन हजार से ज्यादा खिलाड़ी प्रतिभाग करेंगे
- इसके बाद 11 जुलाई से 24 जुलाई तक वर्ल्ड कप के लिए देहरादून त्रिशूल रेंज में इंडिया टीम का कैंप आयोजित किया जाएगा.
- सितंबर और अक्टूबर के बीच होने वाली इंडिया नॉर्थ जोन शूटिंग चैंपियनशिप भी देहरादून की त्रिशूल रेंज में आयोजित की जाएगी. क्योंकि यह दिल्ली के बाद सबसे अपडेटेड शूटिंग रेंज है. इसे हाल ही में विश्व स्तरीय इक्विपमेंट से लैस किया गया है.
शूटिंग रेंज के अलावा देहरादून में बर्फ की चादर पर रफ्तार का रोमांच भी देखने को मिल रहा है. देहरादून महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज की आइस रिंक में नेशनल चैंपियनशिप हो रही है. देहरादून में मौजूद इंटरनेशनल लेवल का आइस स्केटिंग रिंक अब विंटर गेम्स का हब बन चुका है. इसी रिंक पर अब पहली बार नेशनल महिला आइस हॉकी चैंपियनशिप आयोजित की जा रही है. बर्फ पर भागती खिलाड़ियों की रफ्तार ने बता दिया कि भारत में भी अब आइस हॉकी का भविष्य तैयार है. इस चैंपियनशिप में देशभर से मेम-वूमेन टीम के सैकड़ों खिलाड़ी भाग ले रहे हैं, जो कि आगामी 17 जून तक चलने वाली है.
बता दें कि यूएई में नेशनल चैंपियनशिप खेलने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम के खिलाड़ियों ने भी आइस स्केटिंग रिंक में करीब महीने भर तक प्रैक्टिस की थी. आइस हॉकी रिंक में आने वाले समय में होने वाली प्रतियोगिताओं को लेकर विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिंह बताते हैं कि यह देश का अकेला आइस हॉकी रिंक है. लिहाजा आइस हॉकी की जो भी प्रतियोगिताएं होनी है, यहीं पर होनी हैं. इसके लिए नेशनल आइस हॉकी फेडरेशन अपना कैलेंडर तैयार कर रहा है और लगातार इस वेन्यू का इस्तेमाल होगा.
