विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा के बीच चमोली जिले में पेट्रोल और डीजल का संकट गहराने लगा है. हालात इतने बिगड़ गए कि ज्योतिर्मठ स्थित पेट्रोल पंप पर तेल न मिलने पर यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा. नाराज यात्रियों ने जमकर हंगामा किया और प्रदर्शन कर हाईवे जाम करने की कोशिश की. मौके पर पहुंची पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित किया.
यात्रियों का कहना है कि बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब, गंगोत्री और यमुनोत्री की यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं को ऋषिकेश समेत मैदानी क्षेत्रों से ये कहकर आगे भेजा जा रहा है कि पहाड़ों में पर्याप्त पेट्रोल-डीजल उपलब्ध है, लेकिन चमोली और रुद्रप्रयाग जिले में कई पेट्रोल पंपों पर तेल नहीं मिलने से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
ज्योतिर्मठ (जोशीमठ) में घंटों तक वाहन चालकों की लंबी कतारें लगी रहीं. कई यात्री बिना ईंधन के बीच रास्ते में फंस गए. यात्रियों का आरोप है कि प्रशासन और तेल कंपनियों की ओर से सही जानकारी नहीं दी जा रही, जिससे यात्रा मार्ग पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब मैदानी इलाकों में ही ईंधन संकट बना हुआ है, तो पहाड़ी क्षेत्रों तक नियमित सप्लाई पहुंचना मुश्किल हो गया है. ऐसे में चारधाम यात्रा जैसे बड़े सीजन में ईंधन संकट प्रशासन की तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर रहा है. फिलहाल, पुलिस और प्रशासन यात्रियों को समझाने में जुटे हैं, वहीं लोग जल्द से जल्द पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति बहाल करने की मांग कर रहे हैं.
बता दें कि चारधाम यात्रा अपने चरम पर है और हजारों श्रद्धालु बदरीनाथ व हेमकुंड साहिब की यात्रा पर निकल रहे हैं. ऐसे समय में ईंधन संकट ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं. फिलहाल, प्रशासन स्थिति सामान्य बनाने और ईंधन आपूर्ति बहाल कराने की बात कह रहा है.
