दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण उत्पन्न वैश्विक ऊर्जा संकट के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नागरिकों से ईंधन की खपत कम करने की अपील के बाद देश भर के राजनीतिक नेताओं और सरकारों ने ईंधन बचाने के उपाय अपनाने शुरू कर दिए हैं.
प्रधानमंत्री मोदी की अपील के बाद कई नेताओं ने ईंधन बचाने और ऊर्जा बचत प्रथाओं को बढ़ावा देने के लिए मेट्रो यात्रा, इलेक्ट्रिक वाहनों और काफिले का आकार घटाने जैसे विकल्पों को चुना. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बुधवार को प्रधानमंत्री के ईंधन उपयोग कम करने के आह्वान के अनुरूप अपने-अपने आवासों से काफी छोटे काफिले के साथ रवाना हुए.
Amit Shah reduces convoy size to less than half following PM Modi's appeal for fuel conservation amid West Asia crisis
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— ANI Digital (@ani_digital) May 13, 2026
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नागरिकों से ईंधन बचाने और ऊर्जा कुशल प्रथाओं को अपनाकर प्रधानमंत्री के संदेश का पालन करने का आग्रह किया. यूपी सरकार ने आधिकारिक काफिलों में इस्तेमाल होने वाले वाहनों की संख्या में 50 प्रतिशत की कमी करने का निर्देश दिया और अधिकारियों को जहां भी संभव हो, घर से काम करने और वर्चुअल बैठकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया. मुख्यमंत्री योगी ने लोगों से सार्वजनिक परिवहन, साइकिल और इलेक्ट्रिक वाहनों का अधिक उपयोग करने की अपील की और साप्ताहिक “वाहन निषेध दिवस” मनाने के विचार को बढ़ावा दिया.
इस बीच, पीएम मोदी की अपील के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने आधिकारिक काफिले में वाहनों की संख्या 13 से घटाकर 8 कर दी. मध्य प्रदेश सरकार ने वाहन रैलियों पर भी प्रतिबंध लगा दिया है और मंत्रियों और अधिकारियों को वाहनों का कम से कम उपयोग करने और बड़े औपचारिक जुलूसों से बचने का निर्देश दिया है.
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी घोषणा की कि सरकार द्वारा आधिकारिक कार्यों के लिए कम से कम वाहनों का उपयोग किया जाएगा. उन्होंने कहा कि वह कैबिनेट मंत्रियों, भाजपा विधायकों, जन प्रतिनिधियों, दिल्ली सरकार के अधिकारियों और सभी विभागों के साथ मिलकर कारपूलिंग और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देंगी और आधिकारिक कार्यों के लिए उपयोग किए जाने वाले वाहनों की संख्या कम करेंगी. इस घोषणा के बाद, दिल्ली के मंत्री आशीष सूद और कपिल मिश्रा दिल्ली मेट्रो का इस्तेमाल करते हुए अपने कार्यालयों तक गए.
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों को काफिले के वाहनों का कम से कम उपयोग करने और अनावश्यक वाहनों की तैनाती से बचने का निर्देश दिया, विशेषकर सुरक्षा व्यवस्था के लिए. उन्होंने मुख्य सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को सभी विभागों में इसी तरह की प्रक्रियाओं को लागू करने का निर्देश दिया.
महाराष्ट्र में, सरकार ने गैर-जरूरी हवाई यात्रा पर अंकुश लगाने के लिए सरकारी विमानों के उपयोग हेतु मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कार्यालय से पूर्व अनुमति अनिवार्य कर दी है. भाजपा विधायक संजय उपाध्याय अपने साथियों के साथ मुंबई से चिपलुन तक ट्रेन से यात्रा की. भाजपा विधायक ने कहा कि राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखते हुए, वे पेट्रोल की खपत कम करने के लिए भविष्य में भी मुंबई में लोकल ट्रेनों से ही यात्रा करेंगे.
गुजरात में, राज्यपाल ने घोषणा की कि ईंधन संरक्षण पहल के तहत वे राज्य के भीतर यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर और हवाई जहाज के बजाय ट्रेनों, राज्य परिवहन बसों और सार्वजनिक परिवहन के अन्य साधनों का उपयोग करेंगे. राज्यपाल ने यह भी कहा कि सरकारी काफिलों का आकार कम किया जाएगा. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के काफिले में गाड़ियों की संख्या कम की गई और अब काफिले में सिर्फ़ 3 गाड़ियां रहेंगी. वहीं, गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने भी प्रधानमंत्री की विदेश यात्रा कम करने और ईंधन बचाने की अपील के बाद अपनी अमेरिका यात्रा रद्द कर दी.
बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री की अपील का समर्थन करते हुए इलेक्ट्रिक वाहन का इस्तेमाल शुरू कर दिया है. बिहार के कई मंत्रियों और सत्ताधारी गठबंधन के नेताओं ने भी ईंधन बचाने की इस पहल का समर्थन किया है. बिहार के उपमुख्यमंत्री और जेडीयू के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी ने घोषणा की कि उन्होंने अपने वाहनों की संख्या आधी कर दी है और वे केवल आवश्यकता पड़ने पर ही आधिकारिक यात्रा करेंगे. बिहार के भवन निर्माण मंत्री लेशी सिंह ने भी इस पहल का समर्थन किया और विश्वास जताया कि बिहार भर के लोग प्रधानमंत्री की अपील का समर्थन करेंगे.
राजनीतिक नेताओं की यह राष्ट्रव्यापी प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष ने वैश्विक ईंधन आपूर्ति और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंताओं को और बढ़ा दिया है.
