भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के आगामी उत्तराखंड दौरे को लेकर संगठन ने तैयारियां तेज कर दी है. पार्टी इसे पूरी तरह कार्यकर्ताओं और बूथ स्तर के संगठन को समर्पित दौरा बता रही है. खास बात यह है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष देहरादून के गढ़ी कैंट इलाके में एक बूथ कार्यकर्ता के घर भोजन करेंगे. वहीं ईंधन बचत और सादगी का संदेश देने के लिए बड़े रोड शो के बजाय सड़क किनारे स्वागत कार्यक्रमों की तैयारी की जा रही है.
देहरादून स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय में राष्ट्रीय अध्यक्ष के दौरे को लेकर लगातार बैठकें हुईं. प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने संगठन पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों, प्रभारियों, मीडिया और सोशल मीडिया टीम के साथ समन्वय बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया. इस दौरान प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहे.
प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि, भाजपा की ताकत उसका बूथ स्तर का संगठन है. पार्टी बूथ को अपनी सबसे पहली और सबसे मजबूत इकाई मानती है और इसी सोच के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष का यह दौरा तय किया गया है. उन्होंने कहा कि, राष्ट्रीय अध्यक्ष सीधे बूथ कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे, उनके घर जाएंगे, उनके साथ समय बिताएंगे और संगठन को लेकर फीडबैक भी लेंगे.
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि, दौरे का मुख्य फोकस संगठनात्मक मजबूती और कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद रहेगा. उन्होंने कहा कि भाजपा केवल चुनाव जीतने की राजनीति नहीं करती, बल्कि संगठन के अंतिम छोर पर खड़े कार्यकर्ता को भी नेतृत्व से जोड़ने का काम करती है. पार्टी ‘अंत्योदय’ की सोच के साथ आगे बढ़ती है, जिसमें अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंच बनाना, सबसे अहम माना जाता है.
दौरे को लेकर भाजपा संगठन इस बार सादगी और अनुशासन पर भी विशेष जोर दे रहा है. पार्टी नेताओं के मुताबिक, राष्ट्रीय अध्यक्ष के स्वागत में पारंपरिक बड़े रोड शो नहीं होंगे. इसके पीछे एक कारण ईंधन बचत और ट्रैफिक व्यवस्था को प्रभावित न करना भी बताया जा रहा है. पार्टी अब जगह-जगह सड़क किनारे स्वागत कार्यक्रमों की तैयारी कर रही है. जहां कार्यकर्ता राष्ट्रीय अध्यक्ष का स्वागत करेंगे, लेकिन लंबा वाहन काफिला और रोड शो जैसी गतिविधियों से बचा जाएगा.
भाजपा नेताओं का कहना है कि, इससे आम लोगों को भी परेशानी नहीं होगी और संगठन का संदेश भी सीधे कार्यकर्ताओं तक पहुंचेगा. पार्टी इसे दिखावे की राजनीति से अलग कार्यकर्ता आधारित कार्यक्रम के रूप में पेश करना चाहती है. संगठन का मानना है कि जब शीर्ष नेतृत्व सीधे बूथ स्तर तक पहुंचता है तो उसका असर आने वाले चुनावों में भी दिखाई देता है.
