रणवीर सिंह की गिरफ्तारी पर रोक,’कांतारा’ के दैवा पर टिप्पणी के लिए कर्नाटक हाईकोर्ट ने लगायी फटकार

कर्नाटक उच्च न्यायालय ने बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह को बड़ी राहत दी है. फिल्म ‘कांतारा चैप्टर 1’ में दिखाए गए एक दिव्य पात्र पर कथित अपमानजनक टिप्पणी के मामले में अगली सुनवाई तक उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न करने का निर्देश दिया है. न्यायमूर्ति एम. नागप्रसन्ना ने यह आदेश अभिनेता द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया.

अभिनेता पर देवी चावुंडी (देवी चामुंडी) का अपमान करने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप है. सुनवाई के दौरान अदालत को सूचित किया गया कि रणवीर सिंह ने अपनी टिप्पणियों के लिए पहले ही माफी मांग ली है. पीठ ने उन्हें जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया और कहा कि अगले आदेश तक उनके खिलाफ कोई भी दंडात्मक कदम (जैसे गिरफ्तारी) नहीं उठाया जाना चाहिए.

अदालत ने राज्य सरकार और शिकायतकर्ता को अपनी आपत्तियां दर्ज करने को कहा है. मामले की अगली सुनवाई 2 मार्च को तय की गई है. अभिनेता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता साजन पूवैया ने दलील दी कि ये टिप्पणियां हाल ही में गोवा में आयोजित ‘इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया’ (IFFI) के दौरान की गई थीं.

उन्होंने कहा कि अभिनेता ने ‘कांतारा चैप्टर 1’ को लेकर दिए गए अपने बयानों पर तुरंत माफी मांग ली थी. इसके बावजूद, उन्हीं टिप्पणियों के आधार पर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया. वकील ने अदालत को बताया कि अभिनेता का इरादा किसी को ठेस पहुंचाने का नहीं था और वे अपनी गलती के लिए सुधारात्मक कदम उठाने को तैयार हैं.

अदालत ने सुनवाई के दौरान बेहद सख्त मौखिक टिप्पणियां कीं. कोर्ट ने कहा कि भले ही रणवीर सिंह ने धार्मिक भावनाओं की गहराई को पूरी तरह न समझा हो, लेकिन उस प्रदर्शन की मिमिक्री (नकल) करना लोगों की भावनाओं को आहत करने वाला था. अदालत ने दो-टूक कहा कि सार्वजनिक प्रभाव रखने वाली हस्ती होने के नाते आपकी जिम्मेदारी बड़ी है और कानून से ऊपर कोई नहीं है.