टीम इंडिया के सीनियर टेस्ट खिलाड़ी चेतेश्वर पुजारा ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की है. उन्होंने 24 अगस्त को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर संन्यास की घोषणा की है. अब उन्होंने अपने संन्यास की वजह का खुलासा किया है.
पुजारा ने कहा, ‘मैं इंग्लैंड और भारत के बीच टेस्ट सीरीज के लिए ब्रॉडकास्टर के तौर पर यूके में था और मैंने क्रिकेट जारी रखने के बारे में सोचा था. मैंने इसके लिए रणजी ट्रॉफी खेलने की योजना बनाई थी. इसके बाद मैंने अपने परिवार, दोस्तों और टीम के साथियों से इस बारे में बात की थी. साथ ही मुझे पता था कि अगर मैं इस सीजन के रणजी में अच्छा प्रदर्शन करता हूं, तो मुझे आगामी टेस्ट सीरीज के लिए टीम में जगह मिल जाएगी लेकिन मुझे यकीन नहीं था कि मैं पूरा सीजन रणजी खेल पाऊंगा’.
पुजारा ने कहा भावुक होते हुए कहा, ‘यह एहसास होने के बाद मुझे लगा कि संन्यास लेने का यही सही समय है. साथ ही, मुझे लगा कि अगर मैं संन्यास लेता हूं, तो सौराष्ट्र टीम में मेरी जगह किसी और युवा खिलाड़ी को मौका मिलेगा. इसलिए मैंने संन्यास लेने का फैसला किया. मेरे पिता अरविंद पुजारा मेरे आदर्श हैं. मैं अपनी मां का भी शुक्रिया अदा करता हूं’,
2005 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में कदम रखने वाले पुजारा ने लगभग 20 साल के करियर में कई रिकॉर्ड बनाए हैं. उन्होंने 278 प्रथम श्रेणी मैचों में 21,301 रन बनाए हैं. इनमें 66 शतक शामिल हैं. सौराष्ट्र के लिए उन्होंने 51.8 की औसत से 7,774 रन बनाए हैं, जिसमें 25 शतक शामिल हैं.
पुजारा ने 2010 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट मैच में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था. तब से वह टेस्ट मैचों में भारत के अग्रणी खिलाड़ी बन गए हैं. पुजारा टीम इंडिया के लिए 100 टेस्ट मैच खेलने वाले कुछ चुनिंदा क्रिकेटरों में से एक हैं. अपने लंबे करियर में पुजारा ने 103 टेस्ट मैचों में टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व किया. उन्होंने 43.61 की औसत से कुल 7195 रन बनाए.
इसमें 19 शतक और 3 दोहरे शतक शामिल हैं. उन्होंने 35 अर्धशतक भी लगाए हैं. उनका सर्वोच्च स्कोर 206 रन है. पुजारा ने यह स्कोर 2012 में इंग्लैंड के खिलाफ बनाया था. उन्होंने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच जून 2023 में खेला था. 2023 के डब्ल्यूटीसी फाइनल में खेलने वाले पुजारा ने दोनों पारियों में 14 और 27 रन बनाए थे.
