राजभवन के लोकभवन में वसंतोत्सव का शुभारंभ 27 फरवरी से होगा। एक मार्च तक होगा आयोजन। राज्यपाल ले ज (रि ) गुरुमीत सिंह ने दी जानकारी।
उन्होंने कहा कि इस साल सोइल लेस तकनीक को भी इस प्रदर्शनी में शामिल किया जायेगा। इस तीन दिवसीय आयोजन में 30 से अधिक विभाग शामिल होंगे। इस बार नवाचार को भी प्राथमिकता दी गयी है।
यह आयोजन केवल एक आयोजन नहीं बल्कि सांस्कृतिक गौरव का भी अवसर है, बोले राज्यपाल। कहा, जब धरती पर फूल खिलते हैं तो एक सकारात्मकता भी जन्म लेती कहा, फूल पहाड़ों पर आर्थिकी का भी बड़ा आधार हैं।
अगर आध्यात्मिक नजरिये से देखें तो हर पूजा में चढ़े पुष्प हमें प्रकृति की अनंतता का भी संदेश देते हैं। पुष्प सदैव समरसता का संदेश देते हैं। आज के तनाव पूर्ण समय में प्रकृति से जुड़ना सदैव स्वास्थ्य के लिए हितकर होता है।
वसन्तोत्सव कार्यक्रम के दौरान आम जनता और कृषकों में पुष्प उत्पादन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए तमाम प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाएगा. जिसमें मुख्य रूप से 15 प्रतियोगिताओं की श्रेणी में कुल 55 उप श्रेणी बनाए गए हैं. जिसमें प्रथम द्वितीय व तृतीय पुरस्कार दिए जाएंगे. कुल मिलाकर 165 पुरस्कार विजेताओं को दिए जाएंगे. इसके अलावा कृषि एवं कृषि कल्याण के क्षेत्र में बेहतर काम कर रहे तीन उत्कृष्ट कृषकों, तीन उत्कृष्ट महिला कृषकों और स्टार्टअप्स के जरिए उत्कृष्ट कार्य कर रहे तीन अग्रणी युवाओं को यानी कुल 9 लोगों को राज्यपाल सम्मानित करेंगे. इन सभी के चयन के लिए समिति का गठन भी किया जाएगा.
उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के सचिव एसएन पांडेय ने कहा राजपाल ने आज वसन्तोत्सव 2026 का कर्टेन रेजर किया है. 27 फरवरी से 1 मार्च तक लोकभवन में वसन्तोत्सव का आयोजन किया जाएगा. इसके लिए थीम भी निर्धारित की गई है. इसके अलावा कार्यक्रम में विशेष फोकस भोजपत्र के संरक्षण और संवर्द्धन पर भी रहेगा. कार्यक्रम के दौरान 15 कैटेगरी में 165 विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा.
