ग्रेटर नोएडा के बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर आयोजित रेस वॉर्स इंडिया 2025 चैंपियनशिप (Race Wars India Championship 2025) F1 ट्रैक एडिशन S1 में लक्सर के दिव्यांग खिलाड़ी दिग्विजय सिंह ने कमाल कर दिया. दिग्विजय सिंह ने 1200 सीसी इंजन स्टॉक कैटेगरी में प्रथम स्थान हासिल किया है. इसके साथ ही एथलेटिक्स और मोटर स्पोर्ट्स में दिग्विजय के मेडल की संख्या बढ़कर 60 हो गई है.
बता दें कि हरिद्वार जिले के लक्सर के दाबकी कला गांव निवासी दिव्यांग खिलाड़ी दिग्विजय सिंह का चयन राष्ट्रीय मोटर स्पोर्ट्स इवेंट रेस वॉर्स इंडिया के एडिसन S1 के लिए हुआ था. यह रेस 16 मार्च को ग्रेटर नोएडा के बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट के फॉर्मूला वन ट्रैक पर आयोजित हुई. जिसमें देशभर से 65 प्रतिभागी शामिल हुए. 2.5 किमी की इस रेस को दिग्विजय 1 मिनट 40 सेकंड में पूरा किया.
इस रेस में दिग्विजय ने पहला स्थान हासिल किया. जिससे एथलेटिक्स और मोटर स्पोर्ट्स में उसके कुल मेडल की संख्या बढ़कर 60 हो गई है. दिग्विजय सिंह बचपन से दोनों पैरों से दिव्यांग हैं. दिव्यांग होने के बावजूद दिग्विजय कार दौड़ने में माहिर हैं. वो सामान्य लोगों के साथ प्रतियोगिता में कार दौड़ाते हैं. जिससे कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में वे सफलता प्राप्त कर चुके हैं.
मोटर स्पोर्ट्स में चार विश्व रिकॉर्ड और दो इंडिया रिकॉर्ड समेत एथलेटिक्स में राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में 59 मेडल प्राप्त कर दिग्विजय सिंह लक्सर एवं उत्तराखंड का मान बढ़ा चुके हैं. इतना ही नहीं राज्यपाल और मुख्यमंत्री से लेकर तमाम लोग दिग्विजय सिंह को सम्मानित भी कर चुके हैं.
साल 2020 में दिव्यांग खिलाड़ी दिग्विजय सिंह राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित गमबाल इंडिया 2020 की रैली में कन्याकुमारी से आगरा तक की 3 हजार किलोमीटर की दूरी महज 58 घंटे में पूरी की थी. इस दूरी को 60 घंटे के भीतर पूरा करना था.
इसके अलावा साल 2021 में गुजरात के कोटेश्वर धाम से अरुणाचल प्रदेश में चीन सीमा पर स्थित देश के अंतिम गांव काहो तक 4 हजार किलोमीटर की कार रेस 76 घंटे में पूरी की थी. दिग्विजय के इस उपलब्धि को वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया था.
इसके बाद पहले 5-6 मार्च 2022 को मध्य प्रदेश के इंदौर में मालवा मोटर स्पोर्ट्स क्लब (कार रेस) में दिग्विजय सिंह ने 1200 सीसी डीजल कार से 4 मिनट 58 सेकंड में रेस पूरी की थी और प्रथम स्थान हासिल किया था. इस उपलब्धि को इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड दर्ज किया गया है.