देहरादून में ट्रेन-द-ट्रेनर आइस हॉकी सीजन-3 का प्रोग्राम जारी, IIHF कोच डैरिल ईसन दे रहे ट्रेनिंग

राजधानी के महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के हिमाद्री इंडोर आइस रिंक में रॉयल एनफील्ड आइस हॉकी सीजन 3 के तहत ट्रेन-द-ट्रेनर प्रोग्राम चल रहा है. इस ट्रेन-द-ट्रेनर प्रोग्राम के तहत हिमालयी राज्यों से कुल 67 कोच भाग ले रहे हैं. इन सभी को विश्व प्रसिद्ध आइस हॉकी के खिलाड़ी रहे जो कि अब इंटरनेशनल आइस हॉकी फेडरेशन द्वारा प्रमाणित प्रशिक्षक डैरिल ईसन ट्रेनिंग दे रहे हैं.

रॉयल एनफ़ील्ड आइस हॉकी सीजन -3 के लिए इस बार देहरादून स्थित हिमाद्री इंडोर आइस रिंक को चुना गया है. इस सीजन के तहत होने वाले “ट्रेन-द-ट्रेनर प्रोग्राम” की शुरुआत हिमाद्री इंडोर आइस रिंक में हो चुकी है. औपचारिक रूप से सोमवार से शुरू हुए इस दो सप्ताह के प्रशिक्षण शिविर में लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से कुल 67 कोच भाग ले रहे हैं. इनमें 39 कोच बेसिक मॉड्यूल और 28 कोच इंटरमीडिएट मॉड्यूल में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं. इस कैंप का नेतृत्व कोच “डैरिल ईसन” कर रहे हैं, जो इंटरनेशनल आइस हॉकी फेडरेशन (आईआईएचएफ) से एफिलेटेड कोच हैं.

कोच डैरिल ईसन एक IIHF (International Ice Hockey Federation) सर्टिफाइड कोच, एजुकेटर और ऑफिशिएटिंग इंस्ट्रक्टर हैं. इन्हें यूरोप, मिडिल ईस्ट और एशिया में आइस हॉकी टैलेंट को डेवलप करने का दो दशकों से ज़्यादा का अनुभव है. डैरिल ने पहले यूनाइटेड किंगडम और हंगरी की नेशनल टीमों को भी कोचिंग दी है. वह 2024 से भारत के आइस हॉकी इकोसिस्टम को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं. लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में लोकल कोच, रेफरी और एथलीटों के मेंटर का काम कर रहे हैं. ग्रासरूट डेवलपमेंट और टेक्निकल सटीकता पर ज़ोर देने के लिए जाने जाने वाले ईसन ने इस क्षेत्र में कई ट्रेन द ट्रेनर और लर्न टू प्ले प्रोग्राम का नेतृत्व किया है. रॉयल एनफील्ड आइस हॉकी पहल के साथ उनका लगातार जुड़ाव लोकल क्षमता बढ़ाने, कम्युनिटी ओनरशिप को बढ़ावा देने और भारत के लॉन्ग-टर्म आइस हॉकी विज़न को आगे बढ़ाने की साझा प्रतिबद्धता को दिखाता है.

बेसिक कोच ट्रेनिंग कैंप 17 से 23 नवम्बर तक सभी प्रतिभागी कोच को अपनी-अपनी कैटेगरी में ‘लर्न टू प्ले’ (एलटीपी) कैंप में उनकी क्षमता को बढ़ाया जाएगा ताकि नए खिलाड़ियों को इस खेल से जोड़ने और जमीनी स्तर पर खेल की पहुंच बढ़ाने में मदद मिलेगी. इंटरमीडिएट कोच ट्रेनिंग कैंप 25 से 29 नवम्बर तक पिछले वर्ष के सिलेबस पर आधारित है. लौटने वाले कोच को टेक्निकल कौशल को और परिष्कृत करने, उभरती प्रतिभाओं की पहचान करने और आगामी डेवलपमेंट लीगों के लिए कंपटेटिव टीम तैयार करने में सक्षम बनाता है.