उत्तराखंड में आज सुबह इस साल का पहला भूकंप आया है. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (National Centre for Seismology) के अनुसार राज्य के बागेश्वर जिले में भूकंप के झटके महसूस किए गए. हालांकि भूकंप के झटके बहुत बड़े नहीं थे. रिक्टर स्केल पर इनकी तीव्रता 3.5 मैग्निट्यूड थी. भूकंप सुबह 7 बजकर 25 मिनट पर आया.
बताया जा रहा है कि भूकंप का सेंटर बागेश्वर क्षेत्र में 29.93 डिग्री उत्तरी अक्षांश एवं 80.07 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित था. इसकी गहराई 10 किमी बताई गई है. राहत की बात ये है कि इस भूकंप से किसी तरह के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है. हालांकि सुबह 7 बजे बाद आए भूकंप को लेकर लोगों में किसी तरह का पैनिक नहीं फैला. लोग तब तक सोकर उठ चुके थे और अपने दैनिक कार्य कर रहे थे.
इससे पहले पिछले साल दिसंबर महीने में बागेश्वर के पड़ोसी जनपद पिथौरागढ़ में भूकंप आया था. वो 10 दिसंबर 2025 का दिन था. तब पिथौरागढ़ जिले की धारचूला तहसील की व्यास घाटी में भूकंप के झटके महसूस हुए थे. चीन के कब्जे वाले तिब्बत बॉर्डर में हाई हिमालयन रेंज में स्थित व्यास घाटी में आए भूकंप में भी कोई जान माल का नुकसान नहीं हुआ था. इसके साथ ही उत्तराखंड के उत्तरकाशी और चमोली जिले भी भूकंप के लिहाज से अति संवेदनशील हैं.
गौरतलब है कि भारत सरकार के ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) ने नेशनल सिस्मिक हजार्ड मैप को पिछले साल नवंबर के अंत में अपडेट किया था. पुराने सिस्मिक हजार्ड मैप में देश को 4 जोन (II, III, IV, V) में बांटा गया था. नए मैप में एक और नया जोन VI जोड़ा गया. इसके तहत देश की पूरी हिमालयन बेल्ट यानी अरुणाचल प्रदेश से लेकर जम्मू-कश्मीर तक को भूकंप के लिहाज से जोन VI में रखा गया है. इसका मतलब यह है कि हिमालयन बेल्ट में बड़े या फिर विनाशकारी भूकंप की आशंका बनी हुई है. पुराने सिस्मिक हजार्ड मैप में पांच ही जोन थे, लेकिन नए में VI (6) जोन हो गए. इसका मतलब ये हुआ कि पहले उत्तराखंड के कुछ पहाड़ी जिले ही जोन 5 में आते थे. अब पूरा उत्तराखंड ही जोन 6 में है.
