उत्तराखंड की आध्यात्मिक यात्रा पर सुपरस्टार रजनीकांत, ऋषिकेश के बाद गए बदरीनाथ धाम

साउथ के सुपरस्‍टार रजनीकांत एक बार फिर से आध्यात्मिक यात्रा पर उत्तराखंड आए. सबसे पहले रजनीकांत ऋषिकेश स्थित दयानंद आश्रम पहुंचे. जहां उन्होंने गुरु सुधानंद सरस्वती के स्वास्थ्य की जानकारी ली. साथ ही उन्होंने आश्रम में रह रहे लोगों को भोजन भी कराया. इसके बाद वे बदरीनाथ धाम के लिए रवाना हुए.

बता दें कि ऋषिकेश के चंद्रेश्वर नगर स्थित स्वामी दयानंद आश्रम से साउथ एक्टर रजनीकांत का गहरा नाता है. वे हर साल यहां आते हैं. जहां वे अपने गुरु को प्रणाम और गंगा आरती कर भ्रमण पर निकलते हैं. इस बार भी 5 सितंबर को एक्टर रजनीकांत दयानंद आश्रम पहुंचे और अपने गुरु सुधानंद सरस्वती का हाल जाना.

बताया जा रहा है कि दयानंद आश्रम के सुधानंद सरस्वती का स्वास्थ्य खराब चल रहा है. यही कारण है कि वे उनका हाल जानने के लिए ऋषिकेश पहुंचे. जहां उन्होंने सुधानंद सरस्वती की स्वास्थ्य की जानकारी ली. साथ ही उन्होंने आश्रम में मौजूद लोगों को भोजन भी कराया. उनकी एक तस्वीर भी सामने आई है, जिसमें वे पत्तल में खाना खाते नजर आए.

इसके बाद रविवार को ही रजनीकांत बदरीनाथ धाम के दर्शन के लिए रवाना हो गए. बड़े पर्दे के सुपरस्टार रजनीकांत कई बार उत्तराखंड के दौरे पर आ चुके हैं. खास वे ऋषिकेश और बदरीनाथ धाम जाते हैं. अगर उनके बारे में जानें तो वे साउथ के बड़े और फेमस एक्टर हैं.

स्वामी दयानंद आश्रम ऋषिकेश की स्थापना 1960 के दशक में स्वामी दयानंद सरस्वती ने की थी. स्वामी दयानंद ख्यातिप्राप्त वेदांत शिक्षक और संस्कृत के प्रकांड विद्वान थे. यह आश्रम गंगा नदी के तट पर एक विशिष्ट स्थान पर मौजूद है. जो वेदांत और संस्कृत के अध्ययन का एक अनूठा केंद्र है. यह प्राचीन शिक्षण परंपरा (संप्रदाय) को बनाए रखता है.

इसे आर्ष विद्या पीठम (Arsha Kulam) के नाम से जाना जाता है, जिसका अर्थ है प्राचीन ऋषियों की शिक्षा पर आधारित शिक्षा का केंद्र. यहां वेदांत और सहायक ग्रंथों के चुनिंदा ग्रंथों के साथ पाणिनीय शैली में संस्कृत व्याकरण और पाठ्यक्रमों के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार भी पढ़ाया जाता है.

अगर पुरस्कार और सम्मान की बात करें तो रजनीकांत को साल 2002 में पद्म भूषण और 2016 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया जा चुका है. इसके अलावा वे कई फिल्मफेयर समेत अन्य अवॉर्ड्स जीत चुके हैं. उन्हें ‘थलाइवा’ के नाम भी जाना जाता है.