उत्तराखंड समेत देश के 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अप्रैल महीने में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम शुरू होने की संभावना है. हाल ही में भारत निर्वाचन आयोग ने इन 22 राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों के सीईओ को पत्र भेजकर संकेत दिया है कि अप्रैल 2026 से एसआईआर की प्रक्रिया शुरू हो सकती है. ऐसे में एसआईआर से संबंधित तैयारियां पूरी कर ले, जिसके चलते उत्तराखंड मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से तैयारियां तेज हो गई है. अप्रैल महीने में प्रस्तावित एसआईआर कार्यक्रम को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने शुक्रवार को जिलाधिकारियों के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा बैठक की.
बैठक के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने आगामी एसआईआर के दृष्टिगत सभी जिलों की प्रशासनिक तैयारियों की जिलावार समीक्षा कर कर विस्तृत जानकारी ली. मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि आगामी अप्रैल माह में उत्तराखंड में एसआईआर प्रस्तावित है. इस लिहाज से देहरादून, उधमसिंह नगर और नैनीताल जिले में मतदाताओं की मैपिंग की प्रगति लक्ष्य के अनुरुप कम है.
साथ ही मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने तीनों जिलों के जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जिन बूथों पर मैंपिग फीसदी कम है, उसके सम्बंधित ईआरओ और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए. मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि जो भी अधिकारी एसआईआर के कामों में लापरवाही बरतते हुए पाए जाएंगे, तो उनपर ठोस कार्रवाई की जाएगी.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिलों को तय समय सीमा में एसआईआर की तैयारियों के बूथ अवेयरनेस ग्रुप (BAG) के गठन के भी निर्देश दिए. इसके साथ ही मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने जिलाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा वर्तमान में 77 फीसदी बूथों पर बूथ लेवल एजेंट्स की तैनाती हो चुकी है. बीएलए की शत प्रतिशत तैनाती के लिए राजनैतिक दलों से साथ फिर से बैठक कर दी जाए.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि जिलों में एसआईआर हेल्प डेस्क बनाकर जल्द से जल्द वहा पर कर्मचारियों की तैनाती की जाए. उत्तराखंड राज्य में इन दोनों प्री एसआईआर की प्रक्रिया जारी है. मुख्य रूप से उत्तराखंड के तीन जिलों देहरादून, उधम सिंह नगर और नैनीताल में मतदाता सूची मैपिंग की स्थिति काफी दयनीय है, जबकि अन्य जिलों में मैपिंग फीसदी काफी अधिक है.
उत्तराखंड मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार 30 जनवरी 2026 तक बीएलओ आउटरीच अभियान के तहत 75.28 मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है, जिसके तहत उत्तराखंड राज्य में मौजूद 84,55,994 मतदाताओं में से 63,66,046 मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है. हालांकि, उत्तराखंड राज्य के अधिकांश पर्वतीय जिलों में मैपिंग का आंकड़ा 90 फ़ीसदी के आसपास पहुंच गया है तो वही, प्रदेश के दो मैदानी जिलों देहरादून और उधम सिंह नगर में मतदाताओं के मैपिंग का आंकड़ा 60 फीसदी से भी कम है.
बीएलओ आउटरीच अभियान के पहले चरण में देहरादून जिले में 57.23 फीसदी मतदाताओं और उधम सिंह नगर जिले में 59.64 फीसदी मतदाताओं की मैपिंग हो पाई है. इसी तरह नैनीताल जिले में 72.20 फीसदी मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है. इन तीन जिलों में मतदाताओं की मैपिंग फीसदी कम होने के चलते मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने तीनों जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए है कि जल्द से जल्द मतदाताओं की मैपिंग फीसदी को बढ़ाए.
