सीएम समेत BJP के दिग्गज नेता मनाएंगे ‘दिवाली’, दुल्हन की तरह दिल्ली सजाई जा रही दिल्ली

दिल्ली: लोगों के लिए बुधवार की शाम बहुत खास होने वाली है, क्योंकि दिल्ली में बुधवार को एक बार फिर ‘दिवाली’ मनाई जाएगी. इसके चलते लोगों में उत्साह और खुशी का माहौल है. इसके पीछे भी दिवाली ही कारण है. दरअसल, भारतीय दिवाली को अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिल गई है. इसके तहत बुधवार को यूनेस्को ने दीपावली को अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर की लिस्ट में शामिल कर लिया है. यह घोषणा दिल्ली के लाल किले में चल रही यूनेस्को की बैठक के दौरान की गई.जैसे ही यह घोषणा हुई, पूरे सभागार में वंदे मातरम और भारत माता की जय के नारे गूंजने लगे। अब रात में दिल्ली को दुल्हन की तरह सजाने और दिवाली मनाने की तैयारियां चल रही हैं.

यूनेस्को की इंटरगवर्नमेंटल कमेटी की मीटिंग हर दो साल में होती है. इस बार भारत पहली बार इस मीटिंग को होस्ट कर रहा है. अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर संरक्षण समिति का यह 20वां सत्र है और यह दिल्ली के लाल किले में 8 दिसंबर से 13 दिसंबर तक चलेगा. इस सत्र में दुनिया भर के सांस्कृतिक विशेषज्ञ और प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं.

इसके उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, UNESCO के महानिदेशक खालिद अल-एनानी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और UNESCO में भारत के स्थायी प्रतिनिधि विशाल वी. शर्मा शामिल थे. अधिकारियों ने पहले ही संकेत दे दिए थे कि दीपावली को लेकर फैसला बुधवार को आ सकता है, जिसकी वजह से पूरे दिन ही लोगों में उत्सुकता बनी रही. इसके बाद जब इसकी आधिकारिक घोषणा हुई तो लोगों ने भारत माता की जय और वंदे मातरम गाकर अपनी खुशी व्यक्त की.

मार्च 2024 में भारत सरकार ने दिवाली को UNESCO की सांस्कृतिक विरासत लिस्ट में शामिल करने के लिए प्रस्ताव भेजा था. सरकार का कहना था कि दिवाली सिर्फ पूजा-पाठ से जुड़ा त्योहार नहीं है। लोगों को करीब लाने वाली यह एक बड़ी सामाजिक परंपरा भी है. इस मौके पर जहां घरों में सजावट होती है, वहीं परिवार एक साथ बैठते हैं और मिलकर खुशियां साझा करते हैं. अब दिवाली के UNESCO की लिस्ट में शामिल होने के बाद बुधवार शाम दिल्ली हाट में दिवाली जैसा उत्सव मनाया जाएगा. दिल्ली सरकार ने पहले से ही कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी कर ली थी. मुख्य प्रोग्राम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उनकी पूरी कैबिनेट शामिल होगी. भारत की इस उपलब्धि को बड़े स्तर पर सेलिब्रेट किया जाएगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया ‘X’ अकाउंट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत और पूरी दुनिया के लोग इस फैसले से बेहद खुश हैं. उन्होंने लिखा कि हमारे लिए दिवाली हमारी संस्कृति और मूल्यों से जुड़ी हुई है. उन्होंने दिवाली को भारत की सभ्यता की आत्मा बताया. उन्होंने कहा ” दीपावली का UNESCO की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल होना इस त्योहार की वैश्विक पहचान को और मजबूत करेगा.

दीपावली के शामिल होने के बाद अब भारत के कुल 16 परंपरागत त्योहार UNESCO की Intangible Cultural Heritage सूची में शामिल हो चुके हैं. इस लिस्ट में कुंभ मेला, कोलकाता की दुर्गा पूजा, गुजरात का गरबा, योग, वैदिक मंत्रोच्चारण की परंपरा, रामलीला जैसे तत्व शामिल हो चुके हैं.