दिल्ली: छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हृदयस्पर्शी श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शिवाजी महाराज केवल राजा या सामंत नहीं, बल्कि हमारे लिए आराध्य देव हैं. यह कथन लाखों भारतीयों के मन की भावना को प्रतिबिंबित करता है.
सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए पीएम मोदी ने शिवाजी को दूरदर्शी शासक, कुशल प्रशासक और स्वराज्य के प्रबल समर्थक बताया. ‘उनका शौर्य हमें हमेशा प्रेरित करेगा, सुशासन का उनका मॉडल मार्ग दिखाएगा तथा न्याय और स्वाभिमान की भावना समाज को मजबूत बनाएगी.
छत्रपती शिवाजी महाराज यांच्या जयंतीनिमित्त, दूरदर्शी नेते, कुशल प्रशासक, विलक्षण रणनीतीकार आणि स्वराज्याचे पुरस्कर्ते अशा महान व्यक्तिमत्त्वाला आम्ही साष्टांग नमन करतो.
त्यांचे शौर्य आपल्याला प्रेरणा देईल, त्यांचे सुशासन आपल्यासाठी मार्गदर्शक ठरेल आणि न्याय व स्वाभिमानाची… pic.twitter.com/JI9dSJCedg
— Narendra Modi (@narendramodi) February 19, 2026
वीडियो संदेश में मोदी जी ने विस्तार से कहा कि शिवाजी महाराज का व्यक्तित्व अनुपम था. उन्होंने स्वराज और सुराज दोनों की स्थापना की. उनके साहस और शासन कला ने उन्हें अमर बना दिया. उनके जीवन के विविध आयाम हर क्षेत्र को प्रभावित करते हैं.
भारत की सामूहिक शक्ति को पहचानकर नौसेना का विस्तार करना उनका प्रबंधन कौशल दर्शाता है, जो आज भी प्रासंगिक है. शिवाजी की वीरता, विचारधारा और न्यायप्रियता ने पीढ़ियों को दिशा दी है. उनकी साहसपूर्ण शैली, सामरिक बुद्धि और शांतिपूर्ण शासन प्रणाली प्रेरणा स्रोत बनी हुई हैं.
गुरुवार को एक अन्य पोस्ट में पीएम ने कहा कि शिवाजी ने जनकल्याण को सर्वोपरि रखा और उनकी रक्षा हेतु समर्पित हो गए. उनका जीवन भारत के लिए पथप्रदर्शक है. उन्होंने एक सुभाषित भी साझा किया जो ऐसे शासकों की महिमा गाता है जो रक्षा, कल्याण, धर्म, सतर्कता और निष्पक्षता के प्रतीक हों. यह श्रद्धांजलि राष्ट्र को शिवाजी के आदर्शों से जोड़ती है.
