ओलंपिक 2036 की मेजबानी हासिल करने की दिशा में भारत ने बड़ा कदम उठा दिया है. इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार, 1 जुलाई को लुसाने स्थित अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक संघ (IOC) के मुख्यालय का दौरा किया. जिसमें भारत के केंद्रीय खेल मंत्रालय के प्रतिनिधियों के अलावा गुजरात के सरकारी अधिकारी भी शामिल थे. प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व देश के ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा ने किया.
भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने वहां अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति से मुलाकात की और उन्हें बताया कि 2036 ओलंपिक खेलों के लिए अहमदाबाद उनकी पसंद है. जिसके बाद ही ये माना जा रहा है कि भारत ने आधिकारिक तौर पर ओलंपिक 2036 के आयोजन की दिशा में बड़ा कदम बढ़ा दिया है. इस मौके पर आईओसी ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल को ग्रीष्मकालीन खेलों की मेजबानी के लिए उठाए जाने वाले आवश्यक कदमों के बारे में भी जानकारी दी. एक प्रेस विज्ञप्ति में, प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि ये एक महत्वपूर्ण चर्चा थी, जिस दौरान अहमदाबाद में ओलंपिक की मेजबानी करने के भारत की रूपरेखा को सामने रखा गया.
बता दें 2028 का ओलंपिक लॉस एंजेलिस में और 2032 ओलंपिक की मेजबानी ब्रिसबेन करने वाला है, लेकिन भारत की नजर 2036 ओलंपिक पर है. ये भी उल्लेखनीय है कि भारत के साथ, सऊदी अरब, इंडोनेशिया, तुर्की और चिली जैसे देश 2036 ओलंपिक और पैरालंपिक की मेजबानी की दौड़ में हैं. लेकिन हाल ही में, IOC ने मेजबान के चयन की प्रक्रिया में कुछ बदलाव किए हैं. यही कारण है कि नए IOC अध्यक्ष क्रिस्टी कोवेंट्री ने विस्तृत समीक्षा के लिए चयन प्रक्रिया को अस्थायी रूप से निलंबित करने की घोषणा की थी.
ओलंपिक की मेजबानी के लिए उठाए गए औपचारिक कदम के बारे में भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा ने कहा, ‘भारतीय धरती पर ओलंपिक न केवल एक यादगार आयोजन होगा, बल्कि इसका पीढ़ियों पर भी प्रभाव पड़ेगा.’ इससे पहले, भारत ने अक्टूबर 2023 में IOC को एक पत्र भेज कर ओलंपिक 2036 की मेजबानी की मांग की थी. जिसमें का समर्थन IOC सदस्य नीता अंबानी ने किया था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सार्वजनिक रूप से इसका समर्थन भी किया था.
