दिल्ली: इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (ISRO) ने सोमवार को अपने PSLV-C62 रॉकेट से Anvesha (EOS-N1) अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट को लॉन्च किया, लेकिन इस मिशन के PS3 स्टेज के आखिर में कुछ गड़बड़ी सामने आई. इसे लेकर ISRO ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि, “PSLV-C62 मिशन में PS3 स्टेज के आखिर में एक गड़बड़ी हुई. इसकी विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है.”
PSLV-C62 मिशन की लॉन्च के साथ यह साल 2026 में ISRO का पहला लॉन्च है. EOS-N1, जिसे Anvesha भी नाम दिया गया है, इसने सतीश धवन स्पेस सेंटर, श्रीहरिकोटा में फर्स्ट लॉन्च पैड (FLP) से सुबह 10:17 बजे IST पर पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (PSLV) की 64वीं उड़ान भरी.
The PSLV-C62 mission encountered an anomaly during end of the PS3 stage. A detailed analysis has been initiated.
— ISRO (@isro) January 12, 2026
इस लॉन्च के बारे में जानकारी देते हुए ISRO ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा कि, “लिफ्टऑफ! PSLV-C62 ने SDSC-SHAR, श्रीहरिकोटा से EOS-N1 मिशन लॉन्च किया.” इस लॉन्च का मकसद कृषि, शहरी मैपिंग और पर्यावरण निगरानी के क्षेत्र में भारत की रिमोट सेंसिंग क्षमताओं को बढ़ाना है.
ISRO की माने तो, इस मिशन में 15 को-पैसेंजर सैटेलाइट हैं, और इसे सन सिंक्रोनस ऑर्बिट में स्थापित करने की योजना है. लॉन्च से पहले भारतीय स्पेस एजेंसी ने बताया कि, “PSLV-C62 मिशन एक स्पेनिश स्टार्टअप का KID या केस्ट्रेल इनिशियल टेक्नोलॉजी डेमोंस्ट्रेटर भी दिखाएगा, जो स्टार्टअप द्वारा बनाए जा रहे री-एंट्री व्हीकल का एक छोटा प्रोटोटाइप है.”
ISRO से मिली जानकारी के अनुसार, KID कैप्सूल को री-एंट्री ट्रेजेक्टरी के लिए प्लान किया गया है. KID आखिरी को-पैसेंजर होगा, जिसे इंजेक्ट किया जाएगा, जिसके बाद यह साउथ पैसिफिक महासागर में स्प्लैशडाउन के लिए पृथ्वी के एटमॉस्फियर में फिर से एंटर करेगा.
PSLV-C62 / EOS-N1 मिशन, ISRO की कमर्शियल शाखा न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) द्वारा किया गया 9वां डेडिकेटेड कमर्शियल मिशन है. यह लॉन्च PSLV-DL वेरिएंट का इस्तेमाल करने वाला पांचवां लॉन्च है, जिसमें दो सॉलिड स्ट्रैप-ऑन मोटर लगे हैं.
आपकी जानाकरी के लिए बता दें कि PSLV ने 63 उड़ानें पूरी की हैं, जिनमें चंद्रयान-1, मार्स ऑर्बिटर मिशन, आदित्य-L1 और एस्ट्रोसैट मिशन जैसे खास मिशन शामिल हैं. साल 2017 में, PSLV ने एक ही मिशन में 104 सैटेलाइट लॉन्च करके वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था.
ISRO ने मई में PSLV-C61 मिशन के साथ 101वां लॉन्च किया, जिसमें 1,696 किलोग्राम के EOS-09 अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट को 505 किलोमीटर की सन-सिंक्रोनस पोलर ऑर्बिट में स्थापित किया गया. हालांकि, फ्लाइट के शुरुआती चरण उम्मीद के मुताबिक रहे, लेकिन रॉकेट के तीसरे स्टेज में एक टेक्निकल गड़बड़ी के कारण मिशन अपने तय ऑर्बिट तक नहीं पहुंच पाया.
