दिल्ली: पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की जयंती पर रेखा सरकार ने जरूरतमंदों को सस्ता और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. राजधानी में गुरुवार को 100 अटल केंटीन शुरू किए गए, जहाँ लोगों को सिर्फ 5 रुपये में भरपेट थाली मिल रही है. यही वजह है कि राजधानी में अटल कैंटीन इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है. सामाजिक कल्याण की दिशा में इस योजना का उद्देश्य गरीब, श्रमिक वर्ग और जरूरतमंद लोगों को स्वच्छ, पौष्टिक और सस्ता भोजन उपलब्ध कराना है.
अटल कैंटीन की सबसे बड़ी खासियत इसकी सुव्यवस्थित व्यवस्था और स्वच्छता है. कैंटीन में प्रवेश करते ही लोगों का नाम दर्ज किया जाता है, साथ ही पहचान के लिए फोटो भी ली जा रही है, जिससे ऑनलाइन डाटा तैयार किया जा सके. इसके बाद लोगों को टोकन और प्लेट दी जाती है और व्यवस्थित तरीके से भोजन परोसा जाता है. बैठने की पर्याप्त व्यवस्था की गई है, जिससे बुजुर्गों और महिलाओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो.
अटल कैंटीन में सिर्फ ₹5 में पौष्टिक और सम्मानजनक भोजन की व्यवस्था करके हम अपने मेहनतकश श्रमिकों और जरूरतमंद परिवारों के साथ मजबूती से खड़े हैं।
श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के सुशासन, मानवीय संवेदना और गरीब कल्याण की सोच से प्रेरित यह पहल उस विश्वास को आगे बढ़ाती है कि सरकार… pic.twitter.com/BdagND6dfB
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) December 26, 2025
सीमापुरी परिसर में स्थापित कैंटीन में बड़ी संख्या में लोग भोजन करने पहुँचे. कैंटीन में भोजन करने आए संजय मिश्रा ने बताया कि उन्हें दो सब्ज़ी, चावल, चार रोटी और अचार मिला, जिसकी गुणवत्ता बेहद अच्छी थी. उन्होंने कहा कि इतनी कम कीमत में इतना संतुलित भोजन मिलना बड़ी राहत की बात है. वहीं, बुजुर्ग जमुना देवी ने भी खाने की तारीफ करते हुए कहा कि भोजन स्वादिष्ट है और सेहत के लिहाज से भी उपयुक्त है.
एक अन्य लाभार्थी प्रेम पाल ने कैंटीन की व्यवस्था को सराहते हुए कहा कि यहाँ सब कुछ बहुत ही सलीके से किया जा रहा है. सनलाइट कॉलोनी के निवासी मान सिंह ने बताया कि उनसे फोटो की जगह नाम पूछा गया, फिर टोकन दिया गया और आसानी से खाना मिल गया. उन्होंने यह भी जानकारी दी कि आज पहले दिन भोजन निःशुल्क दिया जा रहा है, जबकि कल से केवल पाँच रुपये में खाना उपलब्ध कराया जाएगा.
कैंटीन में भोजन करने आए रामवती ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि नाम और फोटो दर्ज करने के बाद उन्हें सम्मानपूर्वक भोजन दिया गया. उनके चेहरे पर संतोष की मुस्कान साफ दिखाई दे रही थी. वहीं, लखन गौतम ने विस्तार से बताया कि उन्हें समाचार के माध्यम से जानकारी मिली थी कि यहाँ पाँच रुपये में भोजन मिलेगा. उन्होंने कहा कि भविष्य में कैश और ऑनलाइन दोनों माध्यमों से भुगतान की सुविधा उपलब्ध होगी.
बता दें कि केंटीन में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा है. भोजन की गुणवत्ता की नियमित निगरानी भी की जा रही है. प्रशासन का दावा है कि आने वाले समय में राजधानी के और इलाकों में भी अटल केंटीन खोली जाएंगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंदों तक इस योजना का लाभ पहुंचाया जा सके.
बीजेपी विधायक राजकुमार चौहान ने कहा कि बाहरी दिल्ली में नई केंटीन का खुलना सामाजिक सरोकारों की दिशा में एक सकारात्मक पहल है. पाँच रुपये की थाली न सिर्फ भूख मिटा रही है, बल्कि गरीब और मेहनतकश वर्ग को सम्मान के साथ भोजन का अधिकार भी दे रही है. यह योजना सही मायनों में “सबका साथ, सबका विकास” की सोच को ज़मीन पर उतारती नज़र आ रही है.
बता दें कि अटल कैंटीन में दाल-चावल, सब्जी और रोटी वाली पौष्टिक थाली परोसी जा रही है. इस कैंटीन में लोगों को मात्र 5 रुपये में स्वच्छ, गरम और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है. कैंटीन में हर सुबह और शाम 500-500 थालियां मिलेंगी. दिल्ली सरकार का लक्ष्य है कि इस योजना के जरिए रोजाना एक लाख लोगों को सस्ता और अच्छा भोजन उपलब्ध कराया जाए.
