बदरीनाथ-केदारनाथ में गैर हिंदुओं की एंट्री पर रोक, BKTC का बड़ा फैसला

चार धाम यात्रा भारत की सबसे कठिन लेकिन सबसे पवित्र यात्राओं में से एक मानी जाती है. हिमालय की ऊंचाइयां, बदलता मौसम और कठिन मार्ग इसे चुनौतीपूर्ण बनाते हैं. मगर फिर भी श्रद्धालुओं का यहां आना कम नहीं होता. इस साल चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू होने जा रही है. इस दिन गंगोत्री और यमुनोत्री धामों के कपाट खुलेंगे. प्रशासन व्यवस्थाओं में कोई भी कमी नहीं रखना चाहता इसके लिए हर संभव तैयारी की जा रही है. पहले चारधाम में मोबाइल बैन का निर्णय सरकार कर चुकी है. वहीं, अब बदरी-केदार मंदिर समिति ने धामों में गैर हिंदुओं की एंट्री पर रोक लगाने का फैसला लिया है. इतना ही नहीं, बीकेटीसी ने उनके अधीन आने वाले 45 अन्य मंदिरों में भी गैर हिंदुओं की एंट्री पर बैन लगा दिया है.

बदरीनाथ, केदारनाथ मंदिर परिसर और गर्भ गृह में गैर सनातनी अब नहीं जा सकेंगे. बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी का कहना है कि उत्तराखंड के धामों में तीर्थाटन के लिए ही श्रद्धालु आए इस बात को देखते हुए ये फैसला लिया गया है. हालांकि, कई गैर हिंदू धर्म से जुड़े लोगों का रोजगार भी चारधाम यात्रा से जुड़ा होता है. इस सवाल पर बीकेटीसी के अध्यक्ष का कहना है कि बीकेटीसी सिर्फ मंदिर परिसर और गर्भ गृह के दायरे में इस फैसले को लागू करवाएगा. वही गैर सनातनी को कैसे परिभाषित किया जाए इस सवाल पर उनका कहना ही हिंदू धर्म को मानने वाले सभी लोगों का धामों में स्वागत है, लेकिन धामों की मर्यादा से खिलवाड़ किसी को नहीं करने दिया जाएगा.

बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी की अध्यक्षता में हुई बजट बैठक के दौरान आगामी वित्तीय वर्ष 2026- 27 के लिए 121.7 करोड़ रुपये का बजट पारित किया गया. साथ ही सबसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर भी मुहर लगी, जिस पर देशभर की निगाहें टिकी हुई थी. दरअसल, बजट बैठक के दौरान बदरीनाथ और केदारनाथ धाम समेत बीकेटीसी के अंडर आने वाले उत्तराखंड के 47 मंदिरों में गैर सनातनियों के प्रवेश वर्जित का प्रस्ताव रखा गया. इस पर सहमति बनने के साथ ही इस प्रस्ताव को पारित कर दिया गया.