फिर एक्शन में देहरादून डीएम, 12 अस्पतालों का औचक निरीक्षण, नहीं मिले डॉक्टर

जिलाधिकारी के नेतृत्व में आज प्रशासन की टीम ने अर्बन पीएचसी पर छापेमारी की. जिला प्रशासन के औचक निरीक्षण में डीएम समेत मुख्य विकास अधिकारी,एसडीएम,एसडीएम ने एक साथ अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की गई. पीपीपी मोड पर 12 शहरी अस्पताल पर औचक निरीक्षण किया गया. इस दौरान डॉक्टर नदारद मिले. दवाइयां आधी मिली. सफाई सुरक्षा में भी कमी मिली. जिसके बाद डीएम ने जुर्माना लगाते हुए अनुबंध निरस्तीकरण की मुख्य सचिव को संस्तुति की.

बता दें अर्बन पीएचसी केन्द्रों में अव्यवस्थाओं की डीएम को शिकायत मिल रही थी. जिस पर जिलाधिकारी ने अर्बन पीएचसी जाखन और गांधी ग्राम का निरीक्षण किया.जिसमें मानक के अनुरूप स्टॉफ,डॉक्टर, नर्स,एएनएम नही पाए गए और पर्याप्त दवा,सफाई, उपकरण,मरीजों, तीमारदारों के लिए बैठने की व्यवस्था,पेयजल आदि व्यवस्थाएं नही पाई गई. जिस पर डीएम ने सीएमओ को आवश्यक निर्देश दिए. जिलाधिकारी ने पर्याप्त स्टॉफ मौजूद न रहने पर 3 महीने की बायोमेट्रिक उपस्थिति की डिटेल देने के निर्देश दिए हैं.

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने चूना भट्टा, अधोईवाला और कारगी में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप पर संचालित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया. जिनमें तमाम खामियां मिलने पर सीडीओ ने प्रबंधकों से जवाब तलब किया है. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अधोईवाल में मौजूद रजिस्टर जांच करने पर पीएचसी में डॉक्टर, 4 एएनएम, लैब टेक्नीशियन और अस्पताल प्रबंधक गायब मिले. पीएचसी मात्र एक एएनएम और वार्ड आया के भरोसे पाया गया. पीएचसी में टीकाकरण, वेलनेस, ओपीडी पंजीकरण और आपातकालीन सेवाओं की जांच करने पर रेफर मरीजों का रजिस्टर तक मेंटेन नहीं मिला. बायो मेडिकल वेस्ट को सामान्य वेस्ट के साथ ही डिस्पोजल होना पाया गया. लैब की व्यवस्थाओं में भी कई खामियां सामने आई.

इसी प्रकार सीडीओ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चूना भट्ट पहुंचे. यहां मेडिकल स्टॉक के जांच करने पर स्टॉक में खामियां मिली. अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेंडर और कंसंट्रेटर तो रखा मिला, लेकिन, उसको चलाना किसी भी स्टाफ को नहीं आया. अस्पताल में इनवर्टर में सिंगल बैटरी लगी थी. जिससे लाइट जाने पर फ्रिज में रखी दवाइयां खराब हो सकती हैं.

निरीक्षण के दौरान अर्बन पीएचसी में मानक के अनुरूप व्यवस्थाएं नही पाई गई. पर्याप्त डॉक्टर, एएनएम, नर्स, उपकरण, सफाई व्यवस्था, दवाईयां, टीकाकरण कक्ष, बैड, भवन आदि व्यवस्थाएं एमओयू के मानक के अनुसार नही पाई गई. कई केन्द्रों पर मरीजों, तीमारदारों के लिए बैठने की व्यवस्था, पीने का पानी, जनरेटर, दवाई इंजेक्शन रखने को डीप फ्रीजर नहीं पाए गए. जिसके बाद जिला प्रशासन ने जुर्माने की कार्यवाही के साथ ही मुख्य सचिव से कम्पनी का अनुबंध निरस्तीकरण करने की संस्तुति की तैयारी कर ली है.