उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कुमाऊं दौरे पर हैं. शनिवार सुबह-सुबह सीएम धामी अचानक खटीमा के नगरा तराई में अपने खेतों में पहुंचे. यहां उन्होंने न केवल धान की रोपाई की, बल्कि खेत जोतकर किसानों के श्रम, त्याग और समर्पण को करीब से महसूस किया. अपने ‘किसान’ वाले अंदाज को खुद सीएम ने शेयर किया है.
राज्य के अन्नदाताओं ने सदैव इस पावन भूमि का अपने अथक परिश्रम से श्रृंगार किया है। अपनी जड़ों से लगाव स्वयं के अस्तित्व और व्यक्तित्व का बोध कराता है। pic.twitter.com/6fzKPy9y98
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) July 5, 2025
सीएम धामी ने इस खास पल को अपने सोशल मीडिया पर तस्वीरों के साथ साझा किया. उन्होंने लिखा, ‘खटीमा के नगरा तराई में अपने खेत में धान की रोपाई कर किसानों के श्रम, त्याग और समर्पण को अनुभव कर पुराने दिनों का स्मरण किया. अन्नदाता न केवल हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, बल्कि संस्कृति और परंपरा के संवाहक भी हैं.
खटीमा के नगरा तराई में अपने खेत में धान की रोपाई कर किसानों के श्रम, त्याग और समर्पण को अनुभव कर पुराने दिनों का स्मरण किया। अन्नदाता न केवल हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं बल्कि संस्कृति और परंपरा के संवाहक भी हैं। pic.twitter.com/2ctv5O6v3p
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) July 5, 2025
धान रोपाई के दौरान सीएम धामी ने उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा ‘हुड़किया बौल’ का भी प्रदर्शन किया. इस परंपरा के तहत उन्होंने भूमि के देवता भूमियां, पानी के देवता इंद्र और छाया के देव मेघ की वंदना की.
