दिल्ली : रायसीना हिल पर गुरुवार को आयोजित बीटिंग रिट्रीट समारोह के दौरान सशस्त्र बलों के बैंड द्वारा बजाए गए ‘कदम कदम बढ़ाए जा’, ‘विजय भारत’ और अन्य देशभक्ति गीतों की धुनों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. इस साल बीटिंग रिट्रीट ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के जश्न के तौर भी मनाया गया.
समारोह की अध्यक्षता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने की. वह बिगुल की ध्वनि के बीच एक पारंपरिक बग्गी में कार्यक्रम स्थल पहुंचीं, जिससे इस अवसर को एक औपचारिक गरिमा प्राप्त हुई. यह प्रमुख वार्षिक आयोजन गणतंत्र दिवस समारोह के समापन का प्रतीक है.
इस अवसर पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान, तीनों सेनाओं के प्रमुखों सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे.
समारोह की शुरुआत रायसीना हिल से ‘कदम कदम बढ़ाए जा’ की धुन बजाते हुए एक बैंड के मार्च के साथ हुई, जिससे देशभक्ति का माहौल और चरम पर पहुंच गया. इसके बाद ‘पाइप बैंड’ के सदस्यों ने ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष, गगनयान मिशन और ‘अमर जवान ज्योति’ जैसे महत्वपूर्ण अवसरों और घटनाओं को चिह्नित करने के लिए विभिन्न संरचनाओं में खड़े होकर कई मधुर धुन छेड़े.
बीटिंग रिट्रीट भारत में गणतंत्र दिवस समारोह के समापन का प्रतीक माना जाता है. यह समारोह गणतंत्र दिवस के तीन दिन बाद, 29 जनवरी की शाम को नई दिल्ली के विजय चौक पर आयोजित किया जाता है. समारोह में भारतीय सेना, नौसेना, वायु सेना, दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के बैंड म्यूजिकल परफॉर्मेंस देते हैं. समारोह की अध्यक्षता भारत के राष्ट्रपति करते हैं, जो सशस्त्र बलों के सुप्रीम कमांडर होते हैं.
बीटिंग रिट्रीट सेना की बैरक वापसी का प्रतीक है. समारोह में भारत के राष्ट्रपति मुख्य अतिथि होते हैं. राष्ट्रपति के आते ही उन्हें नेशनल सैल्यूट देकर राष्ट्रगान शुरू होता है, तिरंगा फहराया जाता है. इसके बाद तीनों सेनाओं के बैंड मिलकर पारंपरिक धुन के साथ मार्च करते हैं. तीनों सेनाओं के बैंड वादन के बाद रिट्रीट का बिगुल बजाया जाता है. इसके बाद बैंड मास्टर राष्ट्रपति के पास जाते हैं और बैंड वापस ले जाने की इजाजत मांगते हैं.
