प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज, 19 नवंबर को आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्थी में हैं. वह सत्य साईं बाबा की जन्म शताब्दी समारोह में पहुंचे हैं. उनके साथ अभिनेत्री और पूर्व मिस वर्ल्ड ऐश्वर्या राय बच्चन, पूर्व भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु और जी किशन रेड्डी भी उपस्थित थे. इस दौरान आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने पीएम मोदी सॉल पहनाकर उन्हें सम्मानित किया.
श्री सत्य साईं बाबा की जन्म शताब्दी समारोह से ऐश्वर्या राय बच्चन के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. एक वीडियो ने सभी का ध्यान अपनी तरफ खींचा है. वीडियो में ऐश्वर्या राय बच्चन को पीएम मोदी के पैर छुते हुए देखा गया है. इसने समारोह में उपस्थित सभी लोगों का ध्यान आकर्षित किया.
मोदी श्री सत्य साईं बाबा के पवित्र मंदिर और महासमाधि पर मत्था टेकने के लिए पुट्टपर्थी पहुंचे. उन्होंने अपनी यात्रा के दौरान बाबा को श्रद्धांजलि अर्पित की और प्रार्थना की. पीएम के साथ आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण भी उपस्थित थे. इस समारोह में पुजारियों ने मोदी को वैदिक आशीर्वाद दिया.
ऐश्वर्या राय बच्चन का भाषण
इस खास मौके पर ऐश्वर्या ने जाति और धर्म पर एक जबरदस्त भाषण दिया. उन्होंने मानवता और प्रेम पर जोर देते हुए कार्यक्रम में एक सकारात्मक संदेश दिया. उन्होंने कहा, ‘एक ही जाति है, मानवता की जाति. एक ही धर्म है, प्रेम का धर्म. एक ही भाषा है, हृदय की भाषा, और एक ही ईश्वर है, और वह सर्वव्यापी है.’
अपने भाषण को जारी रखते हुए, उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का धन्यवाद किया और कहा कि वह इस कार्यक्रम में उनके संबोधन का बेसब्री से इंतजार कर रही हैं. पूर्व मिस वर्ल्ड ने श्री सत्य साईं बाबा की शिक्षाओं के बारे में बात की.
उन्होंने कहा, ‘मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को आज यहां हमारे साथ उपस्थित होने और इस विशेष अवसर का सम्मान करने के लिए हार्दिक धन्यवाद देती हूं. मैं आपके ज्ञानवर्धक, हमेशा की तरह प्रभावशाली और प्रेरणादायक शब्दों को सुनने के लिए उत्सुक हूं, जो आज हमें मंत्रमुग्ध कर देंगे.’
उन्होंने आगे कहा, ‘आपकी यहां उपस्थिति इस शताब्दी समारोह में पवित्रता और प्रेरणा जोड़ती है और हमें स्वामी के इस संदेश की याद दिलाती है कि सच्चा नेतृत्व सेवा है और मानव सेवा ईश्वर की सेवा है. भगवान श्री सत्य साईं बाबा अक्सर 5’डी’ के बारे में बात करते थे. एक सार्थक, उद्देश्यपूर्ण और आध्यात्मिक रूप से स्थिर जीवन के लिए पांच गुण आवश्यक हैं: अनुशासन, समर्पण, भक्ति, दृढ़ संकल्प और विवेक.’
