उत्तराखंड के लिए गौरव का पल, देवभूमि के लाल को मिला सेना मेडल, ऑपरेशन सिंदूर में दिखाया था पराक्रम

उत्तराखंड: एक बार फिर भारतीय सेना में तैनात देवभूमि के लाल ने उत्तराखंड का नाम रोशन किया है. लेफ्टिनेंट कर्नल मोहन सिंह बर्त्वाल को ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के दौरान अदम्य साहस, शौर्य एवं पराक्रम का उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर सेना मेडल से सम्मानित किया गया है. उनकी इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए पूरे उत्तराखंड में खुशी का माहौल हैं और सभी लोग उन पर गर्व कर रहे है.

मोहन सिंह बर्त्वाल मूल रूप से उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले की केदारघाटी के सीमांत गांव त्रियुगीनारायण के रहने वाले है, जो फिलहाल राजपूत रेजिमेंट की चतुर्थ बटालियन में लेफ्टिनेंट कर्नल के तौर पर तैनात है, जिनकी वर्तमान में पोस्टिंग उत्तर प्रदेश के फतेहगढ़ में हैं.

लेफ्टिनेंट कर्नल मोहन सिंह बर्त्वाल, सेवानिवृत्त कैप्टन शिव बर्त्वाल के पुत्र हैं. सेना द्वारा प्रदान किया गया यह प्रतिष्ठित सम्मान लेफ्टिनेंट कर्नल मोहन सिंह बर्त्वाल के उत्कृष्ट नेतृत्व, साहसिक निर्णय क्षमता और राष्ट्र सेवा के प्रति अटूट समर्पण का प्रमाण है. उनकी इस उपलब्धि पर क्षेत्रीय विधायक आशा नौटियाल, दायित्वधारी ऐश्वर्या रावत, ब्लॉक प्रमुख ऊखीमठ पंकज शुक्ला, जिला पंचायत सदस्य अमित मैंखंडी, व्यापार संघ अध्यक्ष अंकित गैरोला, प्रेम गोस्वामी, राजेश भट्ट, अशोक सेमवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधियों एवं क्षेत्रवासियों ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है.

लेफ्टिनेंट कर्नल मोहन सिंह बर्त्वाल की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है, जिसने केदारघाटी का नाम देशभर में रोशन किया है.

बता दें कि भारत द्वारा 7 मई 2025 को शुरू किया गया ऑपरेशन ‘सिंदूर’, 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले का निर्णायक जवाब था. इस अभियान के तहत पाकिस्तानी क्षेत्र के भीतर काफी अंदर तक सटीक हमले किए गए, जिसमें कई आतंकियों को मारा गया था. इसके बाद चार दिनों तक चला संक्षिप्त लेकिन भीषण संघर्ष 10 मई 2025 को समाप्त हुआ. ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तानी वायु सेना को काफी नुकसान पहुंचा था.