तीर्थनगरी में श्रद्धालुओं की भीड़ और आगामी कुंभ को देखते हुए नया आस्था पथ बनाने की कवायद चल रही है. इस संबंध में सिंचाई विभाग ने शासन को 23 करोड़ रुपये का प्रताव भेज है. परीक्षण के बाद 23 करोड़ के बजट को मंजूरी मिली है. शासन से धनराशि जारी होने के बाद काम शुरू करवाया जाएगा. जिसके बाद तीर्थनगरी ऋषिकेश आने वाले तीर्थयात्रियों और सैलानियों को घूमने के लिए एक और नया आस्था पथ मिल जाएगा.
सैलानियों और पर्यटकों की भीड़ को देखते हुए आस्था पथ व गंगा घाट पर तमाम व्यवस्थाएं नाकाफी साबित हो रहे हैं. उम्मीद की जा रही है कि अगले वर्षं हरिद्वर कुंभ में श्रद्वालओं की रिकार्ड भीड़ होगी. इसके लिए पहले से ही तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. इसी के तहत बैराज पुल के पास गंगा किनारे डाउनस्ट्रीम पर नया आस्था पथ बनाने की योजना है. 600 मीटर का नया आस्था पथ श्रद्धालुओं के मद्देनजर तमाम सुविधाओं से सुसज्जित होगा.
सिंचाई विभाग के एसडीओ दीक्षांतके मुताबिक, शासन को नए आस्था पथ निर्माण के लिए 26 करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया था. परीक्षण के बाद 23 करोड़ के बजट को मंजूरी मिली है. शासन से धनराशि जारी होने के बाद काम शुरू करवाया जाएगा. प्रस्तावित आस्था पथ 66 मीटर के अंतराल पर तीन नए घाट बनेंगे, जहां स्नान की सुविधा दी जाएगी. इसके अलावा आस्था पथ की सुंदरता बढ़ाने को फैंसी लाइट्स भी लगाई जाएगी.
ऋषिकेश में बनने वाले नए आस्था पथ से ऋषिकेश पर पड़ने वाले दबाव से राहत मिलेगी, जिस तरह से ट्रैफिक और श्रद्धालुओं की भीड़ कई पर्वों पर देखी जाती है, उससे निश्चित तौर पर काफी राहत मिलने वाली है. जिस जगह पर इस आस्था पथ का निर्माण होना है, वहां पर पहुंचने के लिए लोगों को ऋषिकेश के शहर के भीतर से गुजरना नहीं पड़ेगा. इसके साथ ही यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी मनमोहक दृश्यों का नजारा देखने को मिलेगा. जिसके पर्यटन की गतिविधियों और बढ़ने की संभावनाएं हैं.
गौर हो कि ऋषिकेश में त्रिवेणी घाट से लेकर बैराज तक करीब चार किलोमीटर लंबा आस्था पथ गंगा के किनारे पर बनाया गया है. आस्था पथ पर ऋषिकेश आने वाले सैलानियों और श्रद्धालुओं की काफी भीड़ रहती है. जहां लोगों को शुद्ध वातावरण और गंगा की लहरों के समीप सकून मिलता है. ऋषिकेश आने वाले सैलानी और श्रद्धालु आस्था पथ पर जाना नहीं भूलते. अब जल्द नया आस्था बनने से क्षेत्र में पर्यटन की गतिविधियों को पंख लगने की उम्मीद है.
