उत्तराखंड: नए साल 2026 के पहले दिन उत्तराखंड परिवहन निगम के बेड़े में 100 नई बसें शामिल हो गई हैं. इन सभी बसों को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरी झंडी झंडी दिखाकर रवाना किया. इसके साथ ही सीएम धामी ने 10 एसी और 2 स्लीपर अनुबंधित बसों को भी जनता को समर्पित किया.
वहीं, बसों के फ्लैग ऑफ किए जाने को लेकर मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवा सदन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जहां मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने परिवहन निगम की स्मारिका अनवरत और सड़क सुरक्षा पर आधारित कैलेंडर का विमोचन भी किया. इसके साथ ही कठिन परिस्थितियों में पूरी ईमानदारी से साथ बेहतर काम करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किया.
मुख्य सेवक सदन, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखण्ड परिवहन निगम के बस बेड़े में सम्मिलित 112 नई बसों (साधारण/AC – UTC स्मार्ट) को हरी झंडी दिखाई। साथ ही परिवहन निगम की स्मारिका 'अनवरत' का विमोचन एवं उत्कृष्ट कार्मिकों को सम्मानित किया।
हमारी सरकार ने अपने कार्यकाल के… pic.twitter.com/R9yHNQj82H
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) January 1, 2026
सीएम धामी ने कहा कि अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित ये नई बसें राज्य के सार्वजनिक परिवहन तंत्र को मजबूत बनाएंगी. इससे यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती यात्रा सुविधा मिलेगी. साथ ही राज्य की आर्थिक, सामाजिक और पर्यटन गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी. उन्होंने कहा कि दुर्गम और पर्वतीय भौगोलिक परिस्थितियों वाले उत्तराखंड में एक बेहतर परिवहन व्यवस्था नागरिक सुविधा के साथ आर्थिक विकास के लिए भी काफी जरूरी है.
इसके अलावा सीएम धामी ने कहा कि सरकार परिवहन निगम को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है. अब तक 13 से ज्यादा नए बस अड्डों और कार्यशालाओं का निर्माण पूरा किया जा चुका है. जबकि, 14 अन्य स्थानों पर काम चल रहा है. जिनमें 4 आईएसबीटी यानी अंतरराज्यीय बस टर्मिनल भी शामिल हैं.
सीएम धामी ने कहा कि जल्द ही निगम के बेड़े में इलेक्ट्रिक बसों को भी शामिल किया जाएगा. निगम की बसों में जीपीएस, सीसीटीवी कैमरे, ई-टिकटिंग, फ्लीट मॉनिटरिंग और समयबद्ध मेंटेनेंस जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध की जा रही हैं, जिससे यात्रियों के साथ-साथ कर्मचारियों की सुरक्षा भी दुरुस्त और मजबूत होगी.
वहीं, सीएम धामी ने कहा कि निगम कर्मियों के हितों को ध्यान में रखते हुए डीए वृद्धि, सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों का क्रियान्वयन और नई भर्तियों के जरिए मैनपावर की कमी को दूर किया जा रहा है. सरकार परिवहन निगम को सेवा का जरिया मानते हुए इसे आधुनिक, आत्मनिर्भर और जनोन्मुखी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. पारदर्शी नीतियों और जवाबदेही के बल पर उत्तराखंड लगातार प्रगति के पथ पर अग्रसर है.
