दिल्ली: इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन ने बुधवार को LVM3-M6 मिशन को लॉन्च कर दिया है, जिसमें अमेरिका की AST SpaceMobile का Bluebird Block-2 कम्युनिकेशन सैटेलाइट ले जाया गया और पृथ्वी की कक्षा में स्थापित किया गया. यह भारत के कमर्शियल लॉन्च प्रोग्राम में एक बड़ा माइलस्टोन है.
ISRO का LVM3-M6 व्हीकल बुधवार की सुबह 8:55 बजे सतीश धवन स्पेस सेंटर (SDSC), श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया गया. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह मिशन ISRO के हेवी-लिफ्ट LVM3 रॉकेट की नौवीं ऑपरेशनल उड़ान है और इसे एक डेडिकेटेड कमर्शियल लॉन्च के तौर पर किया जा रहा है. ISRO ने इस मिशन के लिए 24 घंटे का काउंटडाउन मंगलवार, 23 दिसंबर से शुरू किया था.
ISRO successfully launches BlueBird Block-2 satellite from Sriharikota
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— ANI Digital (@ani_digital) December 24, 2025
गौरतलब है कि Bluebird Block-2 का वजन लगभग 6,100 किलोग्राम है, और यह LVM3 लॉन्च व्हीकल द्वारा लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में स्थापित किया गया, अब तक का सबसे भारी पेलोड बन गया है. इसने नवंबर में LVM3-M5/CMS-03 मिशन के दौरान बनाए गए लगभग 4,400 किलोग्राम के पिछले रिकॉर्ड को तोड़ दिया है.
यह मिशन ISRO की कमर्शियल शाखा न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) और AST SpaceMobile के बीच एक कमर्शियल एग्रीमेंट के तहत किया गया है. ISRO के चेयरमैन, डॉ. वी नारायणन ने इस मिशन की सफलता के बाद कहा कि, “Bluebird Block-2 कम्युनिकेशन सैटेलाइट LVM3 द्वारा ले जाया गया, अब तक का सबसे भारी पेलोड है. यह 104वां लॉन्च है, जो सतीश धवन स्पेस सेंटर (SDSC), श्रीहरिकोटा से किया गया है. इसके साथ ही यह हेवी-लिफ्ट LVM3 रॉकेट की नौवीं सफल उड़ान है.”
ISRO से मिली जानकारी के अनुसार, Bluebird Block-2 अगली जनरेशन के सैटेलाइट ग्रुप का हिस्सा है, जिसका मकसद स्टैंडर्ड स्मार्टफोन को सीधे स्पेस-बेस्ड सेलुलर ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान करता है. इस सैटेलाइट में 223-स्क्वायर-मीटर का फेज़्ड-एरे एंटीना लगाया गया है, और इसे लगभग 600 km की ऊंचाई पर लो अर्थ ऑर्बिट में स्थापित किया जाएगा.
Powered by India’s youth, our space programme is getting more advanced and impactful.
With LVM3 demonstrating reliable heavy-lift performance, we are strengthening the foundations for future missions such as Gaganyaan, expanding commercial launch services and deepening global… pic.twitter.com/f53SiUXyZr
— Narendra Modi (@narendramodi) December 24, 2025
ये आंकड़ें इसे अब तक का सबसे बड़ा कमर्शियल कम्युनिकेशन सैटेलाइट बनाते हैं. PTI के अनुसार, इस सैटेलाइट ग्रुप का मकसद 4G और 5G सेवाओं को सपोर्ट करना है, जिसमें वॉयस, वीडियो, मैसेजिंग और डेटा शामिल हैं, खासकर दूरदराज और कम सुविधा वाले इलाकों में.
जानकारी के अनुसार, AST SpaceMobile ने इससे पहले सितंबर 2024 में संयुक्त राज्य अमेरिका के कुछ हिस्सों और कुछ अन्य चुनिंदा क्षेत्रों में कवरेज देने के लिए पांच Bluebird सैटेलाइट लॉन्च किए थे.
वहीं भारत के LVM3 लॉन्च व्हीकल की बात करें तो ISRO ने बताया कि, LVM3 की लंबाई 43.5 मीटर है और इसे गगनयान के ह्यूमन-रेटेड लॉन्चर के नाम से भी जाना जाता है. यह एक तीन-स्टेज वाला व्हीकल है, जिसमें दो S200 सॉलिड स्ट्रैप-ऑन बूस्टर, एक लिक्विड कोर स्टेज और एक क्रायोजेनिक अपर स्टेज शामिल है.
इस रॉकेट ने पहले चंद्रयान-2, चंद्रयान-3 और कई वनवेब सैटेलाइट बैच जैसे मिशन सफलतापूर्वक पूरे किए हैं. बता दें कि लॉन्च से पहले, ISRO के चेयरमैन वी. नारायणन ने 23 दिसंबर को तिरुमाला के श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना की थी.
