दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दूसरे नेता शनिवार को 2001 के पार्लियामेंट हमले की बरसी पर उस हमले में जान देने वाले सुरक्षाकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित किए. इसके साथ ही देशभर में अपने प्राणों की बाजी लगाने वाले सुरक्षाकर्मियों की याद में श्रद्धांजलि सभाएं की गईं और उनको याद किया गया.
इससे पहले दिन में, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संसद हमले में अपनी जान देने वाले सुरक्षाकर्मियों को श्रद्धांजलि दी और कहा कि उनका बलिदान देश हमेशा याद रखेगा.
#WATCH | Delhi: Vice President CP Radhakrishnan, PM Narendra Modi, Lok Sabha LoP Rahul Gandhi, Congress Parliamentary party chairperson Sonia Gandhi, Union Minister of Parliamentary Affairs, Kiren Rijiju and other parliamentarians pay tribute to the security personnel who lost… pic.twitter.com/GKW8DSJXqe
— ANI (@ANI) December 13, 2025
एक पोस्ट में, CM योगी आदित्यनाथ ने कहा, “‘लोकतंत्र का मंदिर’, भारतीय संसद भवन, साल 2001 में आज ही के दिन एक कायरतापूर्ण आतंकवादी हमला देखा था, जो देश की संप्रभुता, गरिमा और लोगों की शक्ति पर एक क्रूर हमला था. संसद और देश की गरिमा की रक्षा के लिए इस दिल दहला देने वाली घटना में अपनी जान देने वाले अमर वीरों को विनम्र श्रद्धांजलि. देश हमेशा उनका आभारी रहेगा. जय हिंद!” केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी उन लोगों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने इस भयानक आतंकवादी हमले के दौरान भारतीय संसद की रक्षा करते हुए देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया.
सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स ने भी 2001 के पार्लियामेंट टेरर अटैक की बरसी पर 88 बटालियन की कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी को श्रद्धांजलि दी और उनके साहस और बलिदान को याद किया.
On this day, our nation remembers those who laid down their lives during the heinous attack on our Parliament in 2001. In the face of grave danger, their courage, alertness and unwavering sense of duty were remarkable. India will forever remain grateful for their supreme… pic.twitter.com/q8T26s1ogM
— Narendra Modi (@narendramodi) December 13, 2025
पोस्ट में कहा गया, “उनके हिम्मत वाले कामों की वजह से, सभी 5 आतंकवादी मारे गए. इस घटना के दौरान, उन्हें गंभीर चोटें आईं और आखिरकार उन्होंने ड्यूटी की वेदी पर अपनी जान दे दी. उनके अदम्य साहस और असाधारण बहादुरी के लिए, उन्हें मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया गया. बहादुर ‘बलिदानी’ को #CRPF का हमेशा सलाम.”
शुक्रवार को लोकसभा ने पार्लियामेंट सिक्योरिटी सर्विस, दिल्ली पुलिस और CRPF के उन बहादुर जवानों को दिल से श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने 13 दिसंबर, 2001 को हुए आतंकवादी हमले के दौरान पार्लियामेंट की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था.
स्पीकर ओम बिरला ने श्रद्धांजलि देने में सदन का नेतृत्व किया. सदन ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में डटे रहकर देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करने के अपने पक्के इरादे को दोहराया.
