उत्तराखंड से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। संविदा कर्मचारियों को धामी सरकार ने बड़ी सौगात दी है। 10 साल सेवा वालों के नियमित होने का रास्ता साफ हो गया है।
संविदा कर्मचारियों को धामी सरकार ने बड़ी सौगात दी है। बता दें जिन कर्मचारियों की सेवा दिसम्बर 2018 तक लगातार 10 साल होगी, वह नियमित होंगे। शुक्रवार को कार्मिक विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी। बता दें लंबे समय से संविदा कर्मचारी स्थायी नौकरी की मांग कर रहे थे।

सचिव कार्मिक शैलेश बगोली द्वारा इस संबंध में शुक्रवार को अधिसूचना निर्गत की गई. संशोधित नियमावली के अनुसार अन्य शर्तें पूर्ण करने पर दैनिक वेतन, कार्य प्रभारित, संविदा, नियत वेतन, अंशकालिक और तदर्थ रूप से नियुक्त वे कार्मिक विनियमितीकरण हेतु पात्र होंगे, जिन्होंने दिनांक चार दिसंबर 2018 तक इस रूप में कम से कम 10 वर्ष की निरन्तर सेवा उस पद या समकक्ष पद पर पूर्ण कर ली हो.
वहीं संशोधन से पूर्व यह व्यवस्था थी कि नियमावली में उल्लिखित अन्य शर्तें पूर्ण करने पर दैनिक वेतन, कार्य प्रभारित, संविदा, नियत वेतन, अंशकालिक और तदर्थ रूप से नियुक्त वे कार्मिक विनियमितीकरण हेतु पात्र थे, जिन्होंने वर्ष 2013 की नियमावली के प्रख्यापन की तिथि को इस रूप में कम से कम पांच वर्ष की निरन्तर सेवा उस पद या समकक्ष पद पर पूर्ण कर ली हो. हालांकि उत्तराखंड हाईकोर्ट ने पांच साल की इस नियमावली पर रोक लगा दी थी और 2018 के बाद से ही ये मामला लंबित है. हालांकि अब मामले में समय सीमा को 10 साल करते हुए संशोधित नियमावली लागू कर दी गई है. दूसरी तरफ उपनल कर्मचारी भी इस नियमावली के आने के बाद खुद को भी नियमित करने की मांग कर रहे हैं और सरकार से इस पर गंभीरता से विचार करने की बात कह रहे हैं.
