वाराणसी की बेटी रंजना यादव ने बहरीन में किया कमाल, 5000 हजार मीटर रेस वॉक में जीता मेडल

काशी की बेटी रंजना यादव ने गुरुवार को बहरीन में चल रही थर्ड यूथ एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए पांच हजार वॉक रेस में रजत पदक जीता है. रंजना ने 24 मिनट का समय निकाल कर यह उपलब्धि हासिल की है. उन्होंने 24 मिनट, 25 सेकेंड और 88 माइक्रो सेकंड में खिताब जीत लिया.

रंजना डॉ भीमराव अंबेडकर क्रीड़ा संकुल बड़ा लालपुर में एथलेटिक कोच चंद्रभान की देखरेख में अभ्यास करती है. कोच ने बताया कि वह सिगरा स्टेडियम में भी उस से प्रशिक्षण लेती थीं. लुटा कला चौबेपुर की निवासी है रंजना के पिता राजकुमार यादव ट्रक ड्राइवर हैं.

रंजना की उपलब्धि पर जिला ओलंपिक संघ के उपाध्यक्ष डॉ एके सिंह, जिला एथलेटिक संघ के सचिव रमेश यादव, हर्ष आरएसओ विमला सिंह और इंटरनेशनल मास्टर्स एथलीट डॉ नीलू मिश्रा ने हर्ष व्यक्त करते हुए की वाराणसी आने पर रंजना का शानदार स्वागत किया गया जाएगा.

वाराणसी के छोटे से गांव की रहने वाली रंजना यादव पांच बहनों और एक भाई में सबसे छोटी है. उनके खेल की शुरुआत वाराणसी के सिगरा स्टेडियम से ही हुई थी. उनके कोच ने बताया कि जूनियर नेशनल में पहला सिल्वर मेडल उन्ही की देखरेख में अभ्यास करते वक्त आया था. ऐसे उनका प्रदर्शन जारी रहा.

उन्होंने यूथ गेम्स U-18 पटना में भी 2025 के साल में ही ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया था. लगातार रंजना ने नेशनल में चार मेडल हासिल किया और इसी बीच मां के स्वास्थ्य खराब होने की वजह से वह कुछ दिन खेल से दूर भी हुईं. उनकी मां को कैंसर हुआ और मां का निधन भी हो गया.

मां का साथ छूटने के बाद कुछ दिनों तक टेंशन में रहने के बाद रंजना ने अपने अभ्यास को फिर से शुरू किया और पिता के साथ कोच का पूरा साथ मिला. जिसके बाद उसने जूनियर एथलेटिक्स 2025 ओडिशा में आयोजित वॉक रेस में गोल्ड मेडल हासिल किया था और अब भारत के लिए बहरीन में आयोजित थर्ड एशियाई एथलेटिक्स चैंपियन में सिल्वर मेडल लाकर बनारस के साथ अप का मान बढ़ाया है.