बसुकेदार आपदा में लापता 8 लोगों के लिए रेस्क्यू अभियान जारी, सीएम ने आपदा प्रभावितों को ₹5-5 लाख देने के आदेश दिए

बसुकेदार क्षेत्र में बादल फटने के बाद ग्रामीण दहशत के माहौल में जीवन यापन करने को मजबूर हैं. क्षेत्र में बिजली, पानी की व्यवस्था ठप पड़ी है तो सड़क मार्ग भी कई जगह बाधित हैं. ऐसे में ग्रामीणों का संपर्क कटा हुआ है. ग्रामीण अंधेरे में रात काटने के लिए विवश हैं. इस आपदा में जहां लोगों ने अपनों को खोया, वहीं मवेशी भी जिन्दा दफन हो गए. खेत खलिहान तबाह हो गए तो सर से छत भी छीन गयी. प्रशासन की टीमें क्षेत्र में रेस्क्यू अभियान चलाये हुए हैं. इधर सीएम धामी ने अधिकारियों की बैठक लेकर आपदा प्रभावितों को 5-5 लाख रुपए की आर्थिक मदद देने के आदेश दिए.

बसुकेदार तहसील में गुरुवार की रात बादल फटने से भयानक तबाही आई थी. यहां अब कुछ नहीं बचा है. घटना में आठ लोग अभी भी लापता चल रहे हैं. इनमें चार स्थानीय हैं तो चार नेपाली मूल के शामिल हैं. एसडीआरएफ की टीम लापता लोगों की खोजबीन में जुटी है. मलबे को हटाने का कार्य किया जा रहा है. इसके अलावा ताल जामन, बडेथ, डुंगर में आपदा से भारी नुकसान हुआ है. ताल जामन में एक दर्जन आवासीय भवन मलबे में दब गए, जबकि 20 से करीब मवेशी भी दफन हो गए.

आवासीय भवनों के मलबे में दबने से 162 ग्रामीणों को गांव के स्कूल में आसरा दिया गया है. जिला प्रशासन की ओर से ग्रामीणों के लिए टेंट की सुविधा के साथ खाने पीने की व्यवस्था की गई है. क्षेत्र में लाइट, पानी की सप्लाई भी ठप्प पड़ी है. बिजली के पोल और पानी की लाइनें आपदा की भेंट चढ़ गई हैं. बसुकेदार-गुप्तकाशी राज्य मार्ग भी जगह- जगह बंद है, जिसे खोलने का कार्य जारी है.

छेनागाड़ क्षेत्र में हालात अधिक गंभीर पाए गए हैं. नोडल अधिकारी एवं जिला पंचायत राज अधिकारी प्रेम सिंह रावत ने बताया कि क्षेत्र में 8 व्यक्ति लापता हैं, जिनकी खोजबीन के लिए रेस्क्यू टीमें लगातार प्रयासरत हैं. प्रशासन द्वारा 2 घायलों को तत्काल उपचार प्रदान किया गया है. अधिकारी ने बताया कि उन्होंने क्षेत्र के विद्यालय भवन, आवासीय भवनों और गोशालाओं का निरीक्षण किया और नुकसान का जायजा लिया.

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी आशीष रावत द्वारा प्रभावित गांव ताल जामण में राहत कार्यों का निरीक्षण किया गया. उन्होंने बताया कि अब तक की जानकारी के अनुसार क्षेत्र में कुल 15 पशु लापता हैं, जिनमें 1 बछिया, 3 बैल, 8 गाय एवं 3 भैंस शामिल हैं. इसके अतिरिक्त 2 पशुओं को मलबे से बाहर निकाला गया है. मौके पर ही 15 घायल पशुओं का प्राथमिक उपचार शुरू कर दिया गया है. पशु चिकित्सा विभाग की ओर से 11 सदस्यीय विशेषज्ञ दल को विभिन्न स्थानों पर भेजा गया है, जो लगातार पशुओं की देखरेख व इलाज का कार्य कर रहे हैं.

सीएम धामी ने उच्चाधिकारियों, समस्त जिलाधिकारियों एवं पुलिस विभाग के साथ आपदा राहत कार्यों की समीक्षा बैठक की. बैठक के दौरान सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ प्रभावी ढंग से कार्य करने के निर्देश दिए. सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार हर कदम पर आपदा प्रभावितों के साथ खड़ी है. आपदा प्रभावित क्षेत्रों में प्रभावितों को तत्काल 05-05 लाख की सहायता राशि प्रदान की जा रही है. अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों को समय पर राशन एवं आवश्यक दैनिक उपयोग की वस्तुएं उपलब्ध कराई जाएं. नदियों के जल स्तर की निरंतर निगरानी की जाए तथा बंद पड़ी सड़कों को शीघ्रता से खोला जाए.

सीएम धामी ने स्यानाचट्टी के पास यमुना नदी पर आए मलबे को हटाने के लिए मशीनों का उपयोग करने और मलबे का सुरक्षित निस्तारण सुनिश्चित करने हेतु भी निर्देशित किया. बरसात का मौसम समाप्त होते ही सभी सड़कों की मरम्मत और सुधार कार्य में तेजी लाने को कहा. 15 सितंबर के बाद चारधाम यात्रा में अपेक्षित तेजी को देखते हुए समस्त व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए. अधिकारियों को मौसम की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए निरंतर अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए.