उत्तराखंड की IAS अनुराधा पाल बनीं पहली महिला आबकारी आयुक्त

उत्तराखंड सरकार ने आईएएस अधिकारी अनुराधा पाल को आबकारी आयुक्त नियुक्त किया है. वह राज्य की पहली महिला अधिकारी हैं, जो इस पद पर नियुक्त हुई हैं. उत्तराखंड में पहली बार किसी महिला अधिकारी को आबकारी आयुक्त बनाया गया है. उन्होंने 2 जून को कार्यभार संभाला. ऐसे में उनकी चर्चा चारों ओर हो रही है. आइए जानते हैं कि उन्होंने कहां से पढ़ाई लिखाई की है और कब यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा क्रैक किया.

अनुराधा पाल का आईएएस बनने तक का सफर संघर्षों से भरा रहा. परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी. उनके पिता दूध बेचते थे और उसी से घर का खर्च चलता था और उनकी पढ़ाई भी. वह हरिद्वार के एक छोटे से गांव की रहने वाली हैं. कार्यभार संभालने के बाद आज, 3 जून को उन्होंने विभागीय बैठक भी बुलाई है.

आईएएस अनुराधा पाल की शुरुआती पढ़ाई हरिद्वार के नवोदय विद्यालय से पूरी हुई. उसके बाद उन्होंने 2008 में गोविंद बल्लभ पंत विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में इंजीनियरिंग हासिल की. बीटेक करने के बाद एक प्राइवेट कंपनी में उनकी जाॅब लगी गई. कुछ सालों तक नौकरी करने के बाद उन्होंने जाॅब छोड़ दिया. शुरू से उनका लक्ष्य आईएएस बनने का था.

नौकरी छोड़कर वह यूपीएससी सीएसई की तैयारी करने लगी. साथ ही खर्च निकालने के लिए उन्होंने तीन साल तक कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी, रुड़की में बतौर लेक्चरर पढ़ाती भी थी. वह उत्तरखंड के कई जिलों में डीएम सहित कई पदों पर रह चुकी हैं. उनकी गिनती राज्य के तेज तर्रार अधिकारियों में होती है.