केंद्र में मोदी सरकार ने पहलगाम हमले के बाद आतंकवाद के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है. सिंधु जल संधि पर रोक लगाने के साथ ही पाकिस्तान के टॉप डिप्लोमेट को तलब किया. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्हें मोदी सरकार के सख्त फैलसों की जानकारी दे दी गई. साथ उन्हें फरमानों को अमल में लाने के लिए समय सीमा भी बता दिया गया.
एनएआई की रिपोर्ट के अनुसार भारत ने दिल्ली में पाकिस्तान के शीर्ष राजनयिक साद अहमद वराइच को तलब किया. अपने सैन्य राजनयिकों के लिए औपचारिक रूप से अवांछित व्यक्ति का नोट सौंपा है. भारत की यह कार्रवाई मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर आतंकवादियों द्वारा किए गए कायराना हमले के बाद आई जिसमें 26 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए.
अनंतनाग जिले के पहलगाम इलाके में हुए इस हमले ने एक बार अपनी शांति के लिए मशहूर जगह को मातम स्थल में बदल दिया. पीएम मोदी ने सऊदी अरब की अपनी यात्रा को बीच में छोड़कर भारत लौट और बुधवार का कैबिनेट समिति (सीसीएस) की बैठक की. दो घंटे से अधिक समय तक चली बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस जयशंकर समेत कई अन्य लोग शामिल हुए.
विदेश मंत्रालय ने बुधवार को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद घोषित किए गए उपायों के बारे में मीडियाकर्मियों को जानकारी दी. विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि आतंकवादी हमले की गंभीरता को समझते हुए सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने निम्नलिखित उपाय करने का निर्णय लिया, जिसमें पांच प्रमुख निर्णय शामिल हैं.
विदेश सचिव ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि नई दिल्ली में स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग में सेना सलाहकारों को अवांछित व्यक्ति घोषित किया गया है.उन्हें भारत छोड़ने का फरमान सुना दिया गया है. इसके लिए एक हफ्ते का समय दिया गया है. यहीं नहीं भारत भी पाकिस्तान स्थित अपने उच्चायोग में तैनात सेना के सलाहकारों को वापस बुलाएगा. इन पदों को फिलहाल रद्द कर दिया जाएगा.
उन्होंने ये भी कहा कि अटारी चेक पोस्ट को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया जाएगा. मिसरी ने कहा, ‘जो लोग वैध अनुमोदन के साथ सीमा पार कर चुके हैं, वे एक मई, 2025 से पहले उस मार्ग से वापस आ सकते हैं.’
सीसीएस की बैठक में सिंधु जल संधि को स्थगित करने का फैसला तत्काल प्रभाव से लागू किया गया जाएगा. ये फैसला तब तक जारी रहेगा जब तक सीमा पार से आतंकवाद को बढ़ाना देना बंद नहीं किया जाता है. उन्होंने ये भी कहा कि पाकिस्तानी नागरिकों को सार्क वीजा छूट योजना पर भी सख्ती बरती गई है. अब पाकिस्तानी नागरिकों को इसकी अनुमति नहीं दी जाएगी.
मिसरी ने कहा, ‘अतीत में पाकिस्तानी नागरिकों को जारी किए गए सभी एसवीईएस वीजा रद्द माने जाएंगे. एसवीईएस वीजा (SVES visas) के तहत भारत में मौजूद किसी भी पाकिस्तानी नागरिक के पास भारत छोड़ने के लिए 48 घंटे का समय है.’ विदेश सचिव ने कहा कि एक मई, 2025 तक और कटौती की जाएगी, जिससे उच्चायोगों की कुल संख्या वर्तमान 55 से घटकर 30 हो जाएगी. मिसरी ने मीडियाकर्मियों को बताया कि सीसीएस ने समग्र सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की और सभी बलों को कड़ी सतर्कता बरतने का निर्देश दिया