भारत में एक अनुमान के अनुसार 99 फीसदी लड़के विभिन्न खेल खेलते हैं. इसके विपरीत सिर्फ 30 प्रतिशत बच्चियां ही गेम्स खेलती हैं. पीएम मोदी के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ और ‘खेलो इंडिया’ जैसे प्रेरणादायी कार्यक्रमों ने माहौल को बदला है. अब बेटियां भी खेल की दुनिया में हाथ आजमा रही हैं. उत्तराखंड की एक बेटी कायरा भंडारी (Kaira Bhandari) ने भी पढ़ाई के साथ खेल को चुना. आज ये 12 साल की बच्ची टेबल टेनिस (Table Tennis) में अच्छे-अच्छों को कड़ा मुकाबला दे रही है. कायरा रिकॉर्ड 5 इवेंट में भाग लेकर और सभी में मेडल जीतकर देश भर में चर्चा का विषय बनी हुई है. पेश है महिला दिवस (Women’s Day 2026) पर ईटीवी भारत की ये खास रिपोर्ट.
उत्तराखंड की धरती ने कई प्रतिभाओं को जन्म दिया है और इन्हीं में से एक हैं, मात्र 12 साल की टेबल टेनिस खिलाड़ी कायरा भंडारी. महिला दिवस के मौके पर हम आपको मिलवा रहे हैं टेबल टेनिस की इस ‘वंडर गर्ल’ से, जिसने अपनी उम्र से कहीं बड़े कारनामे कर दिखाए हैं. अब कायरा नेशनल टेबल टेनिस चैंपियनशिप में भाग लेने जा रही हैं.
हाल ही में हरिद्वार में आयोजित उत्तराखंड स्टेट टेबल टेनिस चैंपियनशिप में कायरा ने अंडर-13 में सिल्वर, अंडर-15 और अंडर-19 में गोल्ड, अंडर-17 में ब्रॉन्ज और सीनियर वुमेंस कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीतकर अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया है. अब यह युवा सनसनी नेशनल टेबल टेनिस चैंपियनशिप (National Table Tennis Championship 2026) में पांच अलग-अलग श्रेणियों में राज्य का प्रतिनिधित्व करने जा रही है.
पैडलर (टेबल टेनिस खिलाड़ी) कायरा भंडारी लखनऊ में ट्रेनिंग करती हैं. उनकी मम्मी लतिका भंडारी लखनऊ में बेटी के साथ रहकर उसकी ट्रेनिंग में फुल सपोर्ट कर रही हैं. कायरा विकासनगर में इंटरनेशनल कोच पराग अग्रवाल की पैसिफिक टेबल टेनिस अकादमी में रोजाना 7 से 8 घंटे के करीब अभ्यास करती हैं. इसके साथ ही इंटरनेशनल ऑनलाइन स्कूल में पढ़ाई भी कर रही हैं.
कायरा भंडारी आने वाले 5 साल में ओलंपिक और एशियाई गेम खेलना चाहती हैं. उनकी इच्छा है कि वह गोल्ड मेडल जीतें और भारत का राष्ट्रगान बजे. तिरंगा ऊपर जाए और गर्व से उसकी सलामी लें. इसके लिए वो जी तोड़ मेहनत कर रही हैं.
